- काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ रहे लाखों श्रद्धालु, मंदिर प्रशासन ने बढ़ाई व्यवस्थाएं
- चार गेट से प्रवेश और जगह-जगह पेयजल व राहत केंद्र
- न्यास की अपील- दोपहर में दर्शन से बचें, शयन आरती में देश-विदेश के भक्तों की बढ़ी भीड़
वाराणसी (रणभेरी: भीषण गर्मी और 44 डिग्री तापमान के बावजूद बाबा विश्वनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है। काशी विश्वनाथ धाम में इन दिनों प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। सुबह से लेकर देर रात तक मंदिर परिसर और दर्शन मार्ग पर भक्तों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। तपती धूप और गर्म हवाएं भी श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं कर पा रही हैं। हालात ऐसे हैं कि भीषण गर्मी के बीच भी भक्त घंटों लाइन में खड़े होकर बाबा के दर्शन करने को तैयार हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने व्यवस्थाओं में बदलाव किया है। अब श्रद्धालुओं को चार अलग-अलग प्रवेश द्वारों से धाम परिसर में प्रवेश कराया जा रहा है, ताकि भीड़ का दबाव कम किया जा सके और दर्शन प्रक्रिया सुचारु बनी रहे। खासतौर पर शयन आरती के समय धाम परिसर में भारी भीड़ उमड़ रही है।

काशीवासियों के अलावा देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आए पर्यटक भी बाबा के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
दिल्ली से दर्शन करने पहुंचे आदित्य कुमार ने बताया कि वह करीब एक घंटे से लाइन में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि दर्शन के लिए इंतजार करना कोई बड़ी बात नहीं, लेकिन लाइन के बीच कुछ लोगों के घुस आने से व्यवस्था प्रभावित होती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बाबा के दरबार में लाइन लगाकर दर्शन करने का अपना अलग अनुभव और आनंद है, इसलिए चाहे जितना समय लगे, वह इसी तरह दर्शन करना पसंद करेंगे। वहीं परिवार के साथ पहुंचीं रीता ने कहा कि वह अपने बच्चों को सनातन संस्कृति और मंदिरों की परंपराओं से परिचित कराने के लिए धार्मिक यात्रा पर निकली हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को बचपन से ही अपनी आस्था और संस्कृति से जोड़ना आवश्यक है। गर्मी की छुट्टियों का समय होने के कारण परिवार के साथ धार्मिक स्थलों की यात्रा भी की जा रही है।

मंदिर प्रशासन की ओर से भीषण गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। मंदिर के एडीएम शंभू शरण सिंह ने बताया कि मंदिर न्यास की एसओपी के तहत धाम परिसर में कई स्थानों पर आरओ वाटर कूलर लगाए गए हैं। जहां यह सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां बड़े मटकों में ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है। साथ ही कर्मचारियों के जरिए लगातार श्रद्धालुओं को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अलावा ओआरएस, ग्लूकोज, जूट मैट, जर्मन हैंगर, टेंसाइल स्ट्रक्चर और मिस्ट फैन जैसी व्यवस्थाएं भी की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत मिल सके। आपात स्थिति से निपटने के लिए आरोग्य केंद्र, एंबुलेंस और चिकित्सकीय सहायता भी उपलब्ध रखी गई है। मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे दोपहर के अत्यधिक गर्म समय में दर्शन के लिए आने से बचें और घर से भोजन व पर्याप्त पानी ग्रहण कर ही यात्रा शुरू करें, ताकि आस्था के साथ स्वास्थ्य भी सुरक्षित रह सके।
