(रणभेरी): अभिनेता रणवीर सिंह को लेकर हाल ही में सामने आए विवाद और फिल्म इंडस्ट्री में उनके खिलाफ जारी किए गए नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव (एनसीडी) को लेकर बहस तेज हो गई है। इस बीच अभिनेत्री कंगना रनोट द्वारा रणवीर के समर्थन में दिए गए बयान पर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
एक मीडिया बातचीत के दौरान अशोक पंडित ने कहा कि कई लोग पूरे मामले की वास्तविकता जाने बिना अपनी राय दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ कलाकार और इंडस्ट्री से जुड़े लोग बिना तथ्यों को समझे संगठन की आलोचना कर रहे हैं, जिनमें कंगना रनोट भी शामिल हैं।
“तथ्य जाने बिना टिप्पणी करना उचित नहीं”
अशोक पंडित ने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर कई तरह की गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं। उनके अनुसार, कंगना ने यह टिप्पणी की कि उन्हें भी इंडस्ट्री में बैन किया गया था, लेकिन वास्तविकता अलग है। पंडित ने दावा किया कि उन्होंने कंगना के कुछ बयानों और व्यवहार के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की थी।
उन्होंने कहा कि इस समय फिल्म उद्योग के सामने एक बड़ा मुद्दा खड़ा है और ऐसे में किसी भी व्यक्ति को पूरी जानकारी प्राप्त किए बिना टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। पंडित ने यह भी स्पष्ट किया कि FWICE का रणवीर सिंह से कोई व्यक्तिगत विरोध नहीं है। संगठन केवल उस विशेष घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहा था, जिसके चलते यह फैसला लिया गया था।
कंगना ने रणवीर के पक्ष में रखी थी बात
इससे पहले कंगना रनोट ने रणवीर सिंह के खिलाफ उठाए गए कदमों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि सफलता के साथ विरोधियों की संख्या भी बढ़ती है। उनके मुताबिक, जब कोई व्यक्ति अपने करियर में ऊंचाइयों तक पहुंचता है, तो आलोचना और विरोध का सामना करना सामान्य बात है।
कंगना ने कहा था कि रणवीर सिंह को इस स्थिति को अपने प्रभाव और लोकप्रियता के संकेत के रूप में भी देखना चाहिए। उनका मानना था कि सार्वजनिक जीवन में सफलता और विरोध अक्सर साथ-साथ चलते हैं।

अपने संघर्षों का भी दिया उदाहरण
रणवीर सिंह के समर्थन में बोलते हुए कंगना ने अपने करियर का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि उनके जीवन में भी कई बार विवाद और मुश्किल परिस्थितियां आईं, लेकिन समय के साथ उन्होंने अपने काम पर ध्यान केंद्रित रखा।
अभिनेत्री का कहना था कि चुनौतियां किसी भी सफल व्यक्ति के जीवन का हिस्सा होती हैं और धैर्य बनाए रखने से परिस्थितियां धीरे-धीरे सामान्य हो जाती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि रणवीर सिंह भी इस दौर से आगे निकल जाएंगे।
FWICE ने वापस लिया नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव
बुधवार को FWICE ने अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ जारी नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की घोषणा की। संगठन ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि यह फैसला इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) की अपील और हस्तक्षेप के बाद लिया गया। संगठन के अनुसार, संबंधित पक्षों के बीच बातचीत और स्थिति की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया ताकि उद्योग में सामान्य कार्य व्यवस्था बनी रहे।
“रणवीर पर कभी बैन नहीं लगाया गया”
अशोक पंडित ने इस दौरान एक और महत्वपूर्ण बात स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि रणवीर सिंह पर कभी भी औपचारिक प्रतिबंध या बैन नहीं लगाया गया था। मीडिया में जिस तरह इस मामले को “बैन” के रूप में प्रस्तुत किया गया, उससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई।
पंडित के अनुसार, FWICE के पास किसी कलाकार को प्रतिबंधित करने का अधिकार नहीं है। संगठन केवल अपने सदस्यों को किसी व्यक्ति या संस्था के साथ सहयोग न करने की सलाह दे सकता है। उन्होंने कहा कि यह हर तकनीशियन, कलाकार, निर्माता और कर्मचारी का लोकतांत्रिक अधिकार है कि वह किसके साथ काम करना चाहता है और किसके साथ नहीं।
विवाद के बाद फिर सामान्य हुआ माहौल
FWICE द्वारा नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव वापस लेने के बाद फिल्म उद्योग में स्थिति सामान्य होती दिखाई दे रही है। हालांकि, कंगना रनोट और अशोक पंडित के बयानों ने इस पूरे मामले को नई चर्चा का विषय बना दिया है। इंडस्ट्री के कई लोग अब इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।
फिलहाल, संगठन की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि रणवीर सिंह के खिलाफ किसी प्रकार का प्रतिबंध लागू नहीं था और अब नॉन-कोऑपरेशन संबंधी फैसला भी वापस लिया जा चुका है।
