मिशन शक्ति के तहत छात्राओं से संवाद, सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग की मांग पर पुलिस ने दिया भरोसा

मिशन शक्ति के तहत छात्राओं से संवाद, सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग की मांग पर पुलिस ने दिया भरोसा

वाराणसी (रणभेरी): मिशन शक्ति अभियान के तहत सिगरा थाना पुलिस की ओर से लल्लापुरा स्थित मुस्लिम गर्ल्स इंटर कॉलेज में छात्राओं के साथ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को महिला सुरक्षा, उनके अधिकारों और आपात स्थिति में उपलब्ध सहायता के साधनों के प्रति जागरूक करना रहा। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और सुरक्षा से जुड़े सवालों के जवाब दिए।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने पुलिस अधिकारियों के सामने स्कूल में नियमित रूप से सेल्फ डिफेंस यानी आत्मरक्षा का प्रशिक्षण शुरू कराने की मांग रखी। छात्राओं का कहना था कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण मिलने से वे किसी विपरीत परिस्थिति में घबराने के बजाय उसका सामना करने के लिए अधिक सक्षम बन सकेंगी। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं की मांग को गंभीरता से लेते हुए विद्यालय में आत्मरक्षा प्रशिक्षण शुरू कराने के लिए आवश्यक प्रयास करने का आश्वासन दिया।

सुरक्षा के साथ अधिकारों की भी दी जानकारी

जागरूकता कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि किसी भी प्रकार की परेशानी, उत्पीड़न, छेड़छाड़ या असुरक्षा की स्थिति में चुप रहना उचित नहीं है। ऐसी परिस्थितियों में परिवार के सदस्यों, शिक्षकों या पुलिस को तत्काल जानकारी देकर सहायता ली जा सकती है।

छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए अधिकारियों ने कहा कि कानून महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए कई प्रावधान उपलब्ध कराता है। जरूरत पड़ने पर समय रहते मदद मांगना किसी कमजोरी का संकेत नहीं, बल्कि समझदारी और जागरूकता का परिचायक है।

हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी

पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को आपात स्थिति में उपयोगी हेल्पलाइन नंबर भी बताए। उन्हें 112, 1090 और 9670705555 नंबरों की जानकारी दी गई और इन्हें याद रखने के लिए कहा गया। अधिकारियों ने समझाया कि किसी संकट की स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने के लिए संबंधित माध्यम का इस्तेमाल किया जा सकता है।

पुलिस की ओर से छात्राओं से यह भी कहा गया कि यदि उन्हें रास्ते में, स्कूल में, आसपास के क्षेत्र में या किसी अन्य स्थान पर असहज अथवा असुरक्षित स्थिति का सामना करना पड़े तो इसकी जानकारी जिम्मेदार व्यक्ति तक जरूर पहुंचाएं।

आत्मरक्षा से बढ़ेगा आत्मविश्वास

सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण की मांग पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आत्मरक्षा का अभ्यास छात्राओं के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। इससे न केवल उन्हें विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा के तरीके समझने में मदद मिलेगी, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी।

अधिकारियों ने कहा कि आत्मरक्षा का उद्देश्य किसी से मुकाबला करना मात्र नहीं है, बल्कि खतरे को पहचानना, सतर्क रहना और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित तरीके से उससे बाहर निकलना भी है। छात्राओं को भरोसा दिलाया गया कि विद्यालय में इस तरह का प्रशिक्षण शुरू कराने के लिए प्रयास किए जाएंगे।

परेशानी छिपाने के बजाय तुरंत बताएं

कार्यक्रम में इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा समेत पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी को अपने तक सीमित न रखें। यदि कोई व्यक्ति उन्हें परेशान करता है, गलत व्यवहार करता है या उन्हें किसी स्थान पर असुरक्षित महसूस होता है तो तत्काल इसकी जानकारी अभिभावकों, शिक्षकों अथवा पुलिस को दें।

पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को यह भी समझाया कि किसी घटना को नजरअंदाज करने या डर के कारण चुप रहने से समस्या बढ़ सकती है। इसलिए समय रहते उचित व्यक्ति को जानकारी देना जरूरी है।

पढ़ाई और भविष्य के लक्ष्य पर ध्यान देने की अपील

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के साथ ही उन्हें पढ़ाई और भविष्य के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ अपनी शिक्षा जारी रखनी चाहिए और अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।

अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रकार का डर, दबाव या असुरक्षा उनकी शिक्षा और भविष्य की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए। जागरूकता, आत्मविश्वास और जरूरत के समय सही सहायता लेना उन्हें मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है।

महिला सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा केवल पुलिस विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए परिवार, शिक्षण संस्थान और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी होगी। यदि लोग अपने आसपास होने वाली घटनाओं के प्रति सजग रहें और जरूरत पड़ने पर पीड़ित की मदद के लिए आगे आएं तो सुरक्षित वातावरण तैयार किया जा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने पुलिस अधिकारियों से महिला सुरक्षा, हेल्पलाइन और आत्मरक्षा से संबंधित कई सवाल पूछे। अधिकारियों ने छात्राओं की जिज्ञासाओं का जवाब देते हुए उन्हें जागरूक और सतर्क रहने की सलाह दी। छात्राओं ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव पुलिस अधिकारियों के सामने रखे। पुलिस की ओर से छात्राओं को भरोसा दिलाया गया कि उनकी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाएगा और आवश्यक स्तर पर सहयोग किया जाएगा।

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