वाराणसी (रणभेरी): सावन माह में बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने दर्शन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए सुगम दर्शन टिकट प्रणाली में संशोधन किया गया है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं को अधिक सुव्यवस्थित और सुगम दर्शन उपलब्ध कराना है।
सावन सोमवार को नहीं मिलेगा सुगम दर्शन टिकट
मंदिर प्रशासन द्वारा जारी नई व्यवस्था के अनुसार सावन के विशेष सोमवार, यानी 10 अगस्त, 17 अगस्त और 24 अगस्त को सुगम दर्शन की ऑनलाइन टिकट सुविधा उपलब्ध नहीं रहेगी। इन दिनों श्रद्धालुओं की संख्या अत्यधिक रहने की संभावना को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। हालांकि अन्य सभी दिनों के लिए श्रद्धालु पहले की तरह ऑनलाइन माध्यम से सुगम दर्शन टिकट बुक कर सकेंगे।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी अन्य दिन भी श्रद्धालुओं की संख्या अचानक अधिक हो जाती है और सुरक्षा या व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनती है, तो आवश्यकता पड़ने पर सुगम दर्शन टिकट सेवा को अस्थायी रूप से रोका जा सकता है।
मंगला आरती के अधिकांश टिकट पहले ही हुए बुक
सावन में बाबा विश्वनाथ की प्रातःकालीन मंगला आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। प्रतिदिन सीमित संख्या में केवल 100 श्रद्धालुओं को ही आरती में शामिल होने की अनुमति दी जाती है। इसी वजह से पूरे सावन माह के लगभग सभी टिकट पहले से आरक्षित हो चुके हैं।
फिलहाल मंदिर की ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली में 26 और 27 अगस्त की तिथियों के लिए कुछ टिकट उपलब्ध बताए जा रहे हैं। इच्छुक श्रद्धालु इन्हें आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से बुक कर सकते हैं।
अधिकृत वेबसाइट से ही करें बुकिंग
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि दर्शन, आरती या अन्य पूजन संबंधी किसी भी प्रकार की बुकिंग केवल मंदिर की अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से ही करें। किसी दलाल, एजेंट या अनधिकृत व्यक्ति के माध्यम से टिकट लेने से बचें, ताकि किसी प्रकार की धोखाधड़ी या आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े।
भीड़ प्रबंधन के लिए बढ़ाई गई बैरिकेडिंग
सावन के दौरान लगातार बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए मंदिर परिसर में जिगजैग बैरिकेडिंग का विस्तार किया गया है। नई व्यवस्था के तहत अधिक संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर के भीतर ही कतारबद्ध रह सकेंगे। इससे दर्शन के दौरान धक्का-मुक्की कम होगी और श्रद्धालुओं को तेज धूप या अव्यवस्था का सामना भी नहीं करना पड़ेगा। मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से दर्शन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनेगी।
पहले सावन सोमवार को उमड़ा आस्था का सैलाब
सावन के पहले सोमवार को काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ देखने को मिली। प्रशासन के अनुसार एक ही दिन में लगभग साढ़े पांच लाख श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन और पूजन किए। यह आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक माना जा रहा है।
वहीं पूरे सावन माह की शुरुआत से अब तक 20 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा के दरबार में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी बड़ी संख्या में भक्त काशी पहुंच रहे हैं। प्रशासन का अनुमान है कि आगामी सावन सोमवार और अन्य विशेष अवसरों पर श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।
रुद्राभिषेक के लिए भी बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
सावन के पावन महीने में बाबा विश्वनाथ का रुद्राभिषेक कराने के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहले से बुकिंग करा रहे हैं। मंदिर प्रशासन निर्धारित समय के अनुसार पूजन और अभिषेक की व्यवस्था कर रहा है ताकि सभी धार्मिक अनुष्ठान व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सकें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान व्यवस्था के तहत रुद्राभिषेक गर्भगृह के भीतर नहीं बल्कि मंदिर परिसर में स्थित अन्य शिवलिंगों पर कराया जा रहा है।
घर बैठे भी कर सकेंगे बाबा के दर्शन
जो श्रद्धालु किसी कारणवश वाराणसी नहीं पहुंच पा रहे हैं, उनके लिए मंदिर प्रशासन ने ऑनलाइन दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई है। श्रद्धालु मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के माध्यम से बाबा विश्वनाथ के लाइव दर्शन, आरती और पूजन का सीधा प्रसारण देख सकते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य देश और विदेश में रहने वाले भक्तों को भी बाबा के दर्शन का आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना है।
प्रशासन की अपील
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि यात्रा से पहले दर्शन और पूजन संबंधी सभी नियमों की जानकारी प्राप्त करें, अधिकृत माध्यम से ही बुकिंग करें तथा मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। सावन के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए समय से पहले पहुंचने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है।
