वाराणसी (रणभेरी): गुरुवार सुबह से वाराणसी का मौसम बदला-बदला नजर आया। शहर के विभिन्न इलाकों में बीच-बीच में हल्की बारिश होती रही, जिससे कई दिनों से बनी उमस में लोगों को कुछ राहत महसूस हुई। हालांकि आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही और मौसम पूरे दिन सुहावना बना रहा।
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं करीब 24 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने वातावरण को अपेक्षाकृत ठंडा बनाए रखा। शहर में 71 प्रतिशत आर्द्रता दर्ज की गई, जिसके कारण बारिश के बीच भी नमी का असर महसूस किया गया।
मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान समय में मानसून की गतिविधियां कुछ कमजोर पड़ी हैं। हालांकि मौसम के ताजा आकलन के अनुसार 4 से 5 अगस्त के बीच मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। यदि मौसम प्रणाली अनुकूल रही तो पूर्वांचल के कई जिलों में अच्छी वर्षा देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में और गिरावट आने की उम्मीद है।
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा
बारिश के साथ-साथ ऊपरी क्षेत्रों से छोड़े जा रहे पानी का असर अब गंगा नदी में भी साफ दिखाई देने लगा है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और इसमें लगभग एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से वृद्धि दर्ज की जा रही है। गुरुवार सुबह गंगा का जलस्तर 61.84 मीटर रिकॉर्ड किया गया।
जलस्तर बढ़ने के कारण नदी किनारे स्थित कई धार्मिक स्थल प्रभावित होने लगे हैं। सामनेघाट से लेकर नमो घाट तक लगभग 50 से 60 छोटे मंदिर गंगा के पानी की चपेट में आ चुके हैं। इसके अलावा घाटों की निचली सीढ़ियां भी धीरे-धीरे जलमग्न होती जा रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
सुरक्षा के मद्देनजर नाव संचालन बंद
गंगा में तेज बहाव और ऊंची लहरों को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए अगले आदेश तक नौका संचालन और नौकायन पर रोक लगा दी है। प्रशासन का कहना है कि यात्रियों और नाविकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से नदी के किनारे न जाएं और सुरक्षा संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। घाटों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
घाटों पर बढ़ाई गई निगरानी
जिला प्रशासन की टीमें लगातार विभिन्न घाटों का निरीक्षण कर रही हैं। अधिकारियों द्वारा गंगा के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है ताकि जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
फिलहाल मौसम विभाग और प्रशासन दोनों ही स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियों और गंगा के जलस्तर में होने वाले बदलाव के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी।
