वाराणसी (रणभेरी): संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के 650वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में वाराणसी में मंगलवार को भव्य धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। इस अवसर पर संत रविदास स्मारक स्थल से पवित्र मिट्टी एकत्रित कर 131 विशेष कलशों की शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिनमें लगभग 500 महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। धार्मिक जयघोष और भक्ति गीतों के बीच यह यात्रा मंदिर परिसर तक पहुंची, जहां विधि-विधान से सभी कलश स्थापित किए गए।
आयोजकों के अनुसार, इन कलशों का विशेष पूजन 29 जुलाई को जनसभास्थल पर किया जाएगा। शाम लगभग पांच बजे आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर के संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा संत समाज के प्रमुख संत निरंजन दास सहित कई गणमान्य अतिथि शामिल होंगे। सभी अतिथि कलश पूजन के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे। इसके उपरांत इन पवित्र कलशों को देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों को सौंपा जाएगा, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में समरसता और संत रविदास के विचारों का संदेश पहुंचा सकें।
30 जुलाई को देश के 27 राज्यों से पहुंचे प्रतिनिधि इन कलशों के साथ अपने-अपने राज्यों के लिए रवाना होंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में भी कलश संग्रह अभियान प्रारंभ किया जाएगा, जिसके लिए अलग-अलग टोलियां गठित की गई हैं। इन टोलियों के माध्यम से संत रविदास के संदेश को गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
इस अवसर पर प्रदेश सरकार में समाज कल्याण विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि संत रविदास के 650वें प्रकाश पर्व के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा राष्ट्रव्यापी ‘समरसता संकल्प अभियान’ शुरू किया गया है। यह अभियान 29 जुलाई से प्रारंभ होकर अगले वर्ष 20 फरवरी तक विभिन्न चरणों में संचालित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य संत रविदास के समता, सामाजिक न्याय और भाईचारे के संदेश को देशभर में जन-जन तक पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि अभियान के पहले चरण के अंतर्गत 29 जुलाई से 10 सितंबर तक राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला और मंडल स्तर पर गुरु रविदास कलश वंदन अभियान आयोजित होगा। इसी अवधि में 29 जुलाई से 31 अगस्त तक संत संपर्क अभियान भी चलाया जाएगा, जिसके तहत संत समाज और विभिन्न धार्मिक संगठनों से संवाद स्थापित किया जाएगा।
अभियान के अगले चरण में 5 अक्टूबर से 5 नवंबर तक गुरु रविदास समरसता यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा पंजाब के जालंधर से शुरू होकर वाराणसी तक पहुंचेगी और विभिन्न राज्यों एवं शहरों से गुजरते हुए सामाजिक समरसता का संदेश देगी। इसके बाद 26 नवंबर से 15 जनवरी 2027 तक गुरु रविदास महाराज छात्रावास संपर्क अभियान संचालित किया जाएगा, जिसके माध्यम से छात्रावासों में रह रहे विद्यार्थियों को संत रविदास के जीवन, विचारों और समाज सुधार के संदेश से जोड़ा जाएगा।

अभियान के अंतर्गत ‘गुरु रविदास महाराज समरसता दीप अभियान’ भी आयोजित किया जाएगा। इसके तहत वाराणसी के रविदास घाट पर 11 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। वहीं संत रविदास स्मारक स्थल पर भी विशेष दीपोत्सव का आयोजन होगा। 29 जुलाई को देशभर के संत रविदास मंदिरों के साथ-साथ भाजपा के मंडल स्तर तक दीपोत्सव आयोजित कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया जाएगा।
कार्यक्रम में आने वाले संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। आयोजकों के अनुसार, दो दिनों तक उनके ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था रहेगी। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले लोगों के लिए लगभग 600 बसों की व्यवस्था की गई है, जबकि स्थानीय स्तर पर आवागमन के लिए 400 अतिरिक्त बसें उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा शहर के भीतर आवाजाही के लिए करीब 500 ऑटो-रिक्शा और छोटे वाहनों को सेवा में लगाया जाएगा।
कलश यात्रा के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए 131 कलशों का उपयोग किया जा रहा है। वहीं कार्यक्रम में शामिल होने वाले लगभग 500 संत-महात्माओं को विशेष किट बैग वितरित किए जाएंगे। दीपोत्सव, प्रसाद वितरण और अन्य धार्मिक आयोजनों की तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं।
संत रविदास के 650वें प्रकाश पर्व के अवसर पर आयोजित यह अभियान केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे के संदेश को देशभर में पहुंचाने का माध्यम बनेगा। आयोजकों का कहना है कि विभिन्न राज्यों में पहुंचने वाले कलशों के माध्यम से संत रविदास के विचारों को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
