(रणभेरी): कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को रायबरेली में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में जिले की जर्जर सड़कों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। बैठक के दौरान उन्होंने अपने मोबाइल फोन पर सड़क पर बने गड्ढों और खराब मार्गों की तस्वीरें अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दिखाईं। इसके बाद उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों और जिलाधिकारी से सड़कों की खराब स्थिति को लेकर जवाब मांगा।
करीब ढाई घंटे चली बैठक में राहुल गांधी ने अधिकारियों से सवाल किया कि जब सड़कों के निर्माण और मरम्मत के लिए सरकार की ओर से बजट उपलब्ध कराया जा रहा है, तो जमीनी स्तर पर काम दिखाई क्यों नहीं दे रहा है। उन्होंने जिले की मुख्य सड़कों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाली लिंक रोड की स्थिति पर भी चिंता जताई।
मोबाइल में तस्वीरें दिखाकर अधिकारियों से सवाल
दिशा बैठक के दौरान राहुल गांधी ने अपने मोबाइल फोन में रायबरेली की विभिन्न सड़कों की तस्वीरें दिखाईं। तस्वीरों में कई स्थानों पर सड़कें टूटी हुई और गड्ढों से भरी दिखाई गईं। राहुल ने PWD अधिकारियों से इन सड़कों की स्थिति के बारे में जानकारी ली और पूछा कि लंबे समय से खराब पड़े मार्गों की मरम्मत क्यों नहीं कराई जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी जानना चाहा कि सड़कों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे सरकारी धन का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है। बैठक में मौजूद अधिकारियों से उन्होंने काम की प्रगति और सड़कों की मौजूदा स्थिति को लेकर जवाब मांगा।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय भी मौजूद रहे और राहुल गांधी द्वारा मोबाइल पर दिखाई जा रही तस्वीरों को देखा। ऊंचाहार से भाजपा विधायक मनोज पांडेय तथा एमएलसी एवं राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी बैठक में शामिल हुए।
मुख्य मार्गों से लेकर ग्रामीण सड़कों तक का मुद्दा
राहुल गांधी ने बैठक में केवल शहर की सड़कों तक सवाल सीमित नहीं रखा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने वाली सड़कों की स्थिति का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि जिले में कई प्रमुख मार्ग और ग्रामीण संपर्क मार्ग खराब हालत में हैं।

उन्होंने अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत के लिए धन उपलब्ध होने के बावजूद काम में देरी की वजह क्या है। बैठक में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता तक उनका लाभ पहुंचने से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
बैठक से पहले जनता दरबार, स्थानीय लोगों से मिले राहुल
दिशा बैठक से पहले राहुल गांधी ने बुधवार सुबह रायबरेली में जनता दरबार लगाया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उनसे मिलने पहुंचे और अपनी समस्याएं बताईं। राहुल गांधी ने लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित मुद्दों को लेकर जानकारी ली।
जनता दरबार के दौरान महिला कांग्रेस की एक नेता ने राहुल गांधी को राखी भी बांधी। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं ने भी राहुल गांधी से मुलाकात की। रायबरेली में कांग्रेस और सपा के स्थानीय नेताओं की मौजूदगी के बीच राजनीतिक गतिविधियां भी देखने को मिलीं।
सपा विधायकों ने बैठक स्थल के बाहर किया प्रदर्शन
दिशा बैठक के दौरान समाजवादी पार्टी के विधायकों ने भी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। सपा विधायक राहुल लोधी और श्याम सुंदर भारती बैठक स्थल के बाहर पहुंचे और सरकार के खिलाफ पोस्टर-बैनर के जरिए विरोध जताने की कोशिश की।
हालांकि, राहुल गांधी के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के पोस्टर और बैनर अपने कब्जे में ले लिए। प्रदर्शन में स्कूलों के बंद होने, कथित फर्जी मुकदमों और जमीनों पर कब्जे जैसे मुद्दे उठाए जा रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिले के आम लोगों की समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है तो दिशा जैसी बैठकों का वास्तविक लाभ क्या है।
क्या है दिशा समिति की बैठक?
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा केंद्र और राज्य सरकार की विकास योजनाओं की निगरानी के लिए बनाई गई व्यवस्था है। आमतौर पर क्षेत्र के सांसद इस समिति की अध्यक्षता करते हैं।
बैठक में जिले के सांसद, विधायक, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं। बैठक का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना, विकास कार्यों में आने वाली बाधाओं की जानकारी लेना और योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचने की स्थिति का आकलन करना होता है।
जनप्रतिनिधि अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति, निर्माण कार्यों में देरी, बजट के इस्तेमाल और जनता से जुड़ी शिकायतों के संबंध में सवाल कर सकते हैं। रायबरेली की बैठक में भी सड़क, विकास कार्य और सरकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दे चर्चा में रहे।
मंगलवार को लखनऊ पहुंचे थे राहुल गांधी
राहुल गांधी मंगलवार दोपहर दिल्ली से एयर इंडिया की फ्लाइट से लखनऊ पहुंचे थे। विमान को लखनऊ में उतरने में पहली कोशिश में सफलता नहीं मिली थी। विमान ने करीब 25 मिनट तक आसमान में चक्कर लगाया और इसके बाद दूसरे प्रयास में लैंडिंग हुई।
लखनऊ पहुंचने के बाद राहुल गांधी रायबरेली के लिए रवाना हुए थे। बुधवार को रायबरेली में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद वह वापस लखनऊ पहुंचे और यहां से दिल्ली के लिए रवाना हुए।
सांसद बनने के बाद रायबरेली का आठवां दौरा
2024 के लोकसभा चुनाव में रायबरेली से सांसद चुने जाने के बाद राहुल गांधी का यह रायबरेली का आठवां दौरा बताया गया। इससे पहले वह 19 और 20 मई को दो दिवसीय दौरे पर रायबरेली पहुंचे थे।
राहुल गांधी के लगातार रायबरेली दौरे के दौरान स्थानीय विकास, सड़क, जनता की समस्याओं और सरकारी योजनाओं की स्थिति से जुड़े मुद्दे चर्चा में रहे हैं। बुधवार की दिशा बैठक में भी सड़कों की बदहाली प्रमुख मुद्दों में शामिल रही।
