(रणभेरी): कई दिनों से जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन का शनिवार को औपचारिक रूप से समापन कर दिया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह तथा CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका की मौजूदगी में आंदोलन खत्म करने की घोषणा की गई। संगठन ने मंच से सभी प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक अपने-अपने घर लौटने की अपील की।
आंदोलन समाप्त होने की घोषणा के साथ ही जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों में खुशी का माहौल देखने को मिला। छात्रों ने एक-दूसरे को बधाई दी, छात्र एकता के समर्थन में नारे लगाए और राष्ट्रगान गाया। इस दौरान NEET परीक्षा से जुड़े विवाद के बाद जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन भी रखा गया।
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच तीसरे दौर की विस्तृत बातचीत सकारात्मक रही। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से कई बिंदुओं पर अपनी मांगें रखी गई थीं, जिन पर सरकार ने गंभीरता से विचार किया। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके अलावा परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े सुझावों पर भी व्यापक स्तर पर विचार किया जाएगा और तय समय के भीतर संगठन को इसकी जानकारी दी जाएगी।
जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार संवाद के माध्यम से समाधान निकालने के पक्ष में है। उन्होंने आंदोलनकारियों से अपील की कि सरकार के सकारात्मक रुख को देखते हुए अब आंदोलन समाप्त कर दिया जाए। इसके बाद CJP नेतृत्व ने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि सरकार की ओर से उनकी प्रमुख मांगों पर सहमति जताई गई है, इसलिए तत्काल प्रभाव से आंदोलन समाप्त किया जा रहा है। संगठन ने यह भी कहा कि आगे की रणनीति और विस्तृत जानकारी बाद में सार्वजनिक की जाएगी।
CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने बताया कि सरकार के साथ एक विस्तृत प्रारूप (ड्राफ्ट) भी साझा किया गया है। सरकार ने इस ड्राफ्ट को लिखित रूप में स्वीकार करने और मंगलवार तक आधिकारिक जवाब देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि NEET विवाद से प्रभावित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी है। साथ ही शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए संगठन द्वारा दिए गए पांच सूत्रीय प्रस्ताव पर भी सरकार ने चर्चा करने का भरोसा दिया है। इस विषय पर लगभग चार सप्ताह बाद फिर से बैठक आयोजित की जाएगी।सौरभ दास के अनुसार, सरकार ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुझावों पर गंभीरता से काम करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि आत्महत्या जैसे संवेदनशील मामलों में पीड़ित परिवारों को सम्मानजनक सहायता उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी है।
वहीं, CJP के एक अन्य प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि पिछले कुछ दिनों के दौरान सरकार के साथ तीन चरणों में बातचीत हुई। संगठन ने अपनी तीन प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखी थीं। इनमें तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों की वापसी तथा मृतक छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा शामिल था।
रांका ने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के साथ संगठन की पहली मांग पूरी हो गई। दूसरी मांग के तहत प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी मामलों को वापस लेने पर भी सरकार ने सहमति दे दी है। उन्होंने बताया कि आंदोलन के दौरान दर्ज लगभग 15 से 20 मामलों का पूरा विवरण सरकार संगठन के साथ साझा करेगी। साथ ही यह आश्वासन भी दिया गया है कि भविष्य में आंदोलन से जुड़े किसी भी सदस्य के खिलाफ नई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
आंदोलन समाप्त होने के बाद जंतर-मंतर से प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्वक वापसी शुरू कर दी। संगठन ने कहा कि यदि सरकार तय समय के भीतर अपने सभी आश्वासनों को लागू करती है तो यह संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की एक सकारात्मक मिसाल होगी। वहीं शिक्षा सुधार और परीक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर सरकार और CJP के बीच आगे भी बातचीत जारी रहेगी।
