(रणभेरी): राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) के पुनर्परीक्षा दिवस पर मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने कई लोगों को भावुक कर दिया। परीक्षा केंद्र के बाहर एक पिता अपनी बेटी को अंदर प्रवेश दिलाने के लिए बार-बार अनुरोध करता नजर आया, लेकिन निर्धारित समय सीमा पार होने के कारण छात्रा को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिल सकी।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में पिता और बेटी परीक्षा केंद्र के बाहर परेशान और भावुक दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में पिता हाथ जोड़कर अधिकारियों से गुहार लगाते हुए नजर आ रहे हैं। पिता लगातार अनुरोध कर रहे थे कि उनकी बेटी को परीक्षा में शामिल होने दिया जाए, क्योंकि उसकी तैयारी और मेहनत का सवाल है। हालांकि परीक्षा नियमों के अनुसार निर्धारित समय के बाद प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
पेपर विवाद के बाद हुई थी दोबारा परीक्षा
गौरतलब है कि इस वर्ष आयोजित नीट-यूजी परीक्षा को लेकर कई विवाद सामने आए थे। परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़े मामलों के बाद सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा को रद्द कर पुनः आयोजित करने का निर्णय लिया था।
इसके बाद 21 जून 2026 को पुनर्परीक्षा कराई गई।ऐसे में कई अभ्यर्थियों के लिए यह परीक्षा बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही थी, क्योंकि वे पहले ही एक बार परीक्षा प्रक्रिया से गुजर चुके थे और दोबारा तैयारी के दबाव का सामना कर रहे थे।
कुछ मिनट की देरी बनी बड़ी वजह
मिली जानकारी के अनुसार परीक्षा केंद्र का मुख्य प्रवेश द्वार दोपहर 1:30 बजे निर्धारित समय के अनुसार बंद कर दिया गया था। छात्रा कथित रूप से कुछ मिनट की देरी से केंद्र पहुंची। इसके कारण उसे प्रवेश नहीं मिल पाया।परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद लोगों के अनुसार पिता लगातार अधिकारियों से बेटी की स्थिति समझाने का प्रयास करते रहे। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी ने इस परीक्षा के लिए लंबे समय तक तैयारी की थी और इस अवसर का इंतजार कर रही थी। लेकिन निर्धारित नियमों के कारण किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जा सकी।
सोशल मीडिया पर सामने आए कई दावे
घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जाने लगे। कुछ पोस्टों में कहा गया कि पिता ने बेटी की पढ़ाई और कोचिंग के लिए अपनी आर्थिक स्थिति पर बड़ा जोखिम उठाया था। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
परीक्षा नियमों पर भी उठे सवाल
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने परीक्षा व्यवस्था और नियमों को लेकर अपनी राय व्यक्त की। कुछ लोगों ने नियमों को आवश्यक बताया, जबकि कुछ का कहना था कि विशेष परिस्थितियों में मानवीय आधार पर विचार किया जाना चाहिए।
हालांकि परीक्षा एजेंसियां आमतौर पर सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए समय सीमा का सख्ती से पालन करती हैं, ताकि परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष बनी रहे।
