नोएडा (रणभेरी): शहर की एक बहुमंजिला आवासीय सोसाइटी में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब 24 मंजिला इमारत की 21वीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में अचानक आग लग गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग की शुरुआत एयर कंडीशनर (एसी) में विस्फोट होने के बाद हुई। देखते ही देखते आग ने पूरे फ्लैट को अपनी चपेट में ले लिया और ऊंची-ऊंची लपटें खिड़कियों से बाहर निकलने लगीं। घना धुआं पूरे फ्लोर में फैल गया, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई।
लोगों ने जान बचाने के लिए खाली की इमारत
घटना के दौरान कई परिवार अपने फ्लैटों में मौजूद थे। जैसे ही लोगों ने आग और धुएं को देखा, वे अपने घरों से बाहर निकल आए। इमारत में मौजूद लोगों ने एक-दूसरे को सतर्क करते हुए फ्लोर खाली करने की अपील की। कई निवासी सीढ़ियों के रास्ते नीचे पहुंचे, जबकि सुरक्षा कर्मियों और मेंटेनेंस स्टाफ ने भी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।
दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं
आग की सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। आग बुझाने के लिए छह दमकल वाहन लगाए गए। ऊंचाई अधिक होने के कारण शुरुआती चुनौती सामने आई, क्योंकि हाइड्रोलिक उपकरणों से पानी सीमित ऊंचाई तक ही पहुंच पा रहा था। इसके बाद फायर कर्मियों ने इमारत के अंदर उपलब्ध अग्निशमन संसाधनों और पाइपलाइन की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया।
फायर टीम ने फैलने से पहले रोकी आग
दमकल कर्मियों ने अलग-अलग दिशाओं से फ्लैट तक पहुंचकर आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया। कुछ जवान बालकनी के रास्ते पहुंचे, जबकि दूसरी टीम फ्लैट के अंदर प्रवेश कर आग बुझाने में जुट गई। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि आग को आसपास के फ्लैटों तक फैलने से पहले ही रोक दिया गया।
परिवार समय रहते बाहर निकल आया
जिस फ्लैट में आग लगी थी, उस समय परिवार के सदस्य घर के अंदर मौजूद थे और सो रहे थे। आग लगने का आभास होते ही सभी लोग तुरंत बाहर निकल आए। समय रहते निकासी हो जाने के कारण किसी के घायल होने या किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली।
फ्लैट का सामान जलकर नष्ट
हालांकि आग पर समय रहते नियंत्रण पा लिया गया, लेकिन जिस फ्लैट में हादसा हुआ वहां रखा अधिकांश घरेलू सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया। आसपास के फ्लैटों को भी धुएं का सामना करना पड़ा, लेकिन बड़ी क्षति होने से बचा लिया गया।
निवासी ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
घटना के बाद एक महिला निवासी ने बताया कि उनके फ्लैट में भी भारी मात्रा में धुआं भर गया था, जिससे परिवार का दम घुटने लगा। उनका कहना था कि कुछ समय तक उन्हें यह भी नहीं पता था कि आग उनके फ्लोर पर लगी है या किसी अन्य मंजिल पर। बाद में मेंटेनेंस स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। महिला ने सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था दिखाई नहीं दी।
ऊंची इमारतों में अग्निशमन सबसे बड़ी चुनौती
यह घटना एक बार फिर हाईराइज इमारतों में आग लगने की स्थिति में अग्निशमन व्यवस्था की चुनौतियों को सामने लेकर आई है। वर्तमान में दमकल विभाग के पास 30 से 42 मीटर तक पहुंचने वाले हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं, जिनकी क्षमता सीमित ऊंचाई तक आग बुझाने की है। इससे अधिक ऊंचाई वाली इमारतों में आग लगने पर अंदर मौजूद अग्निशमन सिस्टम और फायर कर्मियों की रणनीति पर अधिक निर्भर रहना पड़ता है।

प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
अधिकारियों ने कहा कि समय पर सूचना मिलने, दमकल कर्मियों की त्वरित कार्रवाई और भवन में उपलब्ध संसाधनों के उपयोग से बड़ा हादसा टल गया। लोगों से अपील की गई है कि वे अपने घरों में लगे एयर कंडीशनर और अन्य विद्युत उपकरणों की समय-समय पर जांच कराते रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत सुरक्षा नियमों का पालन करें।
