वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी शहर के लंका थाना क्षेत्र स्थित सीर गोवर्धनपुर इलाके में रविवार को एक भूमि विवाद उस समय गंभीर रूप ले गया जब एक अधिवक्ता ने विरोधी पक्ष पर जानलेवा हमला और फायरिंग करने का आरोप लगाया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता एकत्र हो गए और आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर थाने पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे आरोपित की तलाश जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता सुरेंद्र यादव का सीर गोवर्धनपुर क्षेत्र में एक भूखंड है। उनका आरोप है कि कुछ लोग कथित तौर पर उस जमीन पर कब्जा करने की नीयत से वहां पहुंचे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। अधिवक्ता का कहना है कि इसी दौरान विरोधी पक्ष की ओर से गोली चलाई गई। हालांकि गोली किसी को नहीं लगी, लेकिन घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

बताया जा रहा है कि शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मदद से एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया गया और बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। घटना के बाद अधिवक्ता समुदाय में नाराजगी फैल गई और बड़ी संख्या में वकील लंका थाने पहुंचकर आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे।
प्लॉट के रास्ते को लेकर शुरू हुआ विवाद
पीड़ित अधिवक्ता द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, रविवार दोपहर लगभग 3:20 बजे वह अपने परिचित शैलेन्द्र कुमार राय के साथ काशीपुत्र कॉलोनी स्थित अपने प्लॉट पर पहुंचे थे। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि भूखंड तक जाने वाले रास्ते को ईंटों की दीवार बनाकर बंद कर दिया गया है।
शिकायत में कहा गया है कि जब उन्होंने रास्ता अवरुद्ध किए जाने पर आपत्ति जताई और उसे हटाने का प्रयास किया, तो वहां मौजूद लोगों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया तथा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
फायरिंग और मारपीट का आरोप
अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान दो व्यक्तियों ने कथित रूप से हथियार निकालकर फायरिंग की। हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन इस घटना से मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपित पहले भी उनसे कथित तौर पर अवैध धन की मांग कर चुके थे।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना के दौरान उनके साथ मारपीट भी की गई, जिससे उन्हें और उनके साथी को चोटें आईं। इसके बाद स्थानीय लोगों के सहयोग से एक आरोपित को पकड़ लिया गया। दावा किया गया है कि उसके पास से हथियार भी बरामद हुआ, जिसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

अधिवक्ताओं ने जताई नाराजगी
घटना की सूचना मिलते ही जिले के कई अधिवक्ता लामबंद हो गए। उन्होंने थाने पहुंचकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की और मामले में शामिल सभी आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की। अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि आरोपितों पर जल्द और सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, भूमि विवाद से जुड़ी सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस बल को मौके पर भेजा गया था। कार्रवाई के दौरान गिरधारी सिंह पटेल नामक एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और अन्य आरोपितों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि शिकायत, उपलब्ध साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है और मामले की जांच जारी है।
