दो दिन में अंक अपलोड करने के निर्देश, देरी होने पर मेधावी छात्रों के मेडल पर भी संकट
वाराणसी (रणभेरी): महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ प्रशासन ने संबद्ध कॉलेजों की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। विश्वविद्यालय की ओर से पांच जनपदों के लगभग 80 कॉलेजों को नोटिस जारी करते हुए दो दिन के भीतर छात्रों के अंक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। अंक अपलोड न होने की वजह से हजारों छात्र-छात्राओं का परिणाम अटका हुआ है, जिससे उनमें चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, कई कॉलेजों ने अब तक प्रैक्टिकल, इंटरनल असेसमेंट और स्किल डेवलपमेंट परीक्षाओं के अंक विश्वविद्यालय को नहीं भेजे हैं। नतीजतन करीब पांच हजार से अधिक विद्यार्थियों के रिजल्ट जारी होने में देरी हो रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि समय रहते अंक अपलोड नहीं किए गए तो संबंधित छात्रों का पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो सकता है।
विश्वविद्यालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जिन जनपदों के कॉलेज इस मामले में पीछे हैं उनमें वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र शामिल हैं। इन सभी कॉलेजों को लिखित पत्र भेजकर स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर छात्रों के अंक पोर्टल पर अपडेट किए जाएं और उसकी हार्डकॉपी परीक्षा गोपनीय विभाग में जमा कराई जाए।
विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती आगामी दीक्षांत समारोह को लेकर भी है। बताया जा रहा है कि विद्यापीठ का दीक्षांत समारोह 28 जुलाई को प्रस्तावित है। यदि विषम सेमेस्टर के परिणाम समय पर घोषित नहीं हो पाए तो इसका असर सम सेमेस्टर की प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है। इससे न केवल छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी बल्कि मेधावी छात्र-छात्राएं भी सम्मान और मेडल की दौड़ से बाहर हो सकते हैं।
शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि कॉलेजों की लापरवाही का सीधा असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ रहा है। रिजल्ट में देरी होने से प्रतियोगी परीक्षाओं, छात्रवृत्ति और आगे की प्रवेश प्रक्रिया में भी दिक्कतें आ सकती हैं। इसी को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस बार सख्ती दिखाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि लापरवाही बरतने वाले कॉलेजों के खिलाफ आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
