वाराणसी (रणभेरी): काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नाम से कथित रूप से एक चिकित्सकीय पर्ची जारी होने के मामले ने नया राजनीतिक रंग ले लिया है। पर्ची में राहुल गांधी को मानसिक रोगी बताए जाने के आरोप के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर यूथ कांग्रेस नेताओं ने लंका थाने पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों का कहना है कि इस तरह की हरकत न केवल नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की छवि खराब करने का प्रयास है, बल्कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को भी राजनीतिक रूप से बदनाम करने की साजिश हो सकती है। कार्यकर्ताओं ने इसे सुनियोजित षड्यंत्र बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस से कार्रवाई की मांग
यूथ कांग्रेस अध्यक्ष चंचल के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा कि यदि प्रशासन समय रहते उचित कदम नहीं उठाता, तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उनका आरोप है कि किसी राजनीतिक उद्देश्य से इस तरह की पर्ची तैयार कर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर प्रसारित की गई, जिससे कांग्रेस नेताओं की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस मामले की तह तक जाना बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे न केवल राजनीतिक माहौल प्रभावित हुआ है, बल्कि विश्वविद्यालय की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं।

फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की आशंका
शिकायत में यह भी कहा गया कि बीएचयू में सामान्य प्रक्रिया के तहत बिना वैध पहचान पत्र के पर्ची जारी नहीं की जाती। ऐसे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आशंका जताई कि किसी फर्जी आधार कार्ड या गलत दस्तावेज का इस्तेमाल कर यह पर्ची बनवाई गई हो सकती है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि यह पता लगाया जाए कि पर्ची किस व्यक्ति ने बनवाई, इसके लिए कौन-कौन से दस्तावेज लगाए गए और अस्पताल के रिकॉर्ड में क्या विवरण दर्ज है। साथ ही यदि जांच में किसी प्रकार की फर्जीवाड़ा या साजिश सामने आती है, तो संबंधित लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
निष्पक्ष जांच की मांग तेज
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह मामला केवल एक पर्ची तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक मर्यादा और सार्वजनिक संस्थानों की विश्वसनीयता से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू करने की बात कही है। वहीं इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है और विपक्षी दल भी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
