वाराणसी (रणभेरी): शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर अकोला कस्बे में बिजली विभाग के स्मार्ट मीटरों को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आया। सैकड़ों महिलाओं ने अपने घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़ लिए और उन्हें सिर पर रखकर गांव के बिजली कार्यालय पहुंच गईं। वहां मीटरों को फेंकते हुए जोरदार प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीण बोरे में भरकर भी मीटर लेकर पहुंचे और विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। हालात बिगड़ते देख पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश देकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। इसके बाद महिलाएं और ग्रामीण धरने पर बैठ गए।महिलाओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटरों से बिजली बिलों में गड़बड़ी हो रही है। उनका कहना है कि कम खपत के बावजूद अधिक बिल आ रहा है, जबकि कई बार बिना उपयोग के भी बैलेंस कम हो जाता है।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बैलेंस खत्म होते ही बिजली आपूर्ति तुरंत बंद कर दी जाती है और रिचार्ज के बाद भी सप्लाई बहाल होने में देरी होती है।ग्रामीणों ने मांग की कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था को तत्काल रोका जाए और बिलिंग में हो रही अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
ग्रामीणों ने मांग की कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था को तत्काल रोका जाए और बिलिंग में हो रही अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
इस बीच, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया ने कहा कि संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के निर्देश पर प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मीटर हटाने को लेकर किसी ग्रामीण पर कार्रवाई या एफआईआर दर्ज की गई, तो संगठन बड़े स्तर पर चक्का जाम करेगा।
गौरतलब है कि स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदेश के कई हिस्सों में पहले से विरोध चल रहा है। हाल ही में सरकार ने राहत देते हुए निर्देश जारी किए थे कि छोटे कनेक्शनों पर निर्धारित सीमा तक बैलेंस माइनस होने पर भी बिजली आपूर्ति नहीं काटी जाएगी, लेकिन इसके बावजूद लोगों का आक्रोश थमता नजर नहीं आ रहा है।
