(रणभेरी): एक दर्दनाक और सनसनीखेज मामले में 4 साल की मासूम बच्ची से कथित दुष्कर्म और हत्या के आरोपी 25 वर्षीय जसीम की पुलिस एनकाउंटर में मौत के बाद मामला और गरमा गया है। आरोपी को 19 अप्रैल की रात गाजियाबाद पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया था।
जानकारी के अनुसार, 11 अप्रैल को बच्ची की हत्या और दुष्कर्म की घटना सामने आई थी, जिसके बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया था। पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

पुलिस के मुताबिक, रविवार देर रात टीला मोड़ क्षेत्र में आरोपी की मौजूदगी की सूचना मिलने पर घेराबंदी की गई। इस दौरान आरोपी अपने दो साथियों के साथ बाइक पर था। पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में जसीम को गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए, जबकि एक की बुलेटप्रूफ जैकेट ने उसे बचा लिया।
घटना के बाद 20 अप्रैल को दिनभर पोस्टमॉर्टम हाउस पर आरोपी के परिजन नहीं पहुंचे। शाम के समय परिजन पहुंचे, लेकिन उन्होंने शव स्वीकार करने से इनकार कर दिया। बाद में पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।
परिवार के सदस्यों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ परिजनों ने आरोपी के कृत्य की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे अपराध की सजा केवल मौत हो सकती थी। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को उचित बताया और शव लेने से इनकार कर दिया।

परिजनों के एक सदस्य ने कहा कि उन्हें आरोपी के कृत्य के बारे में पहले ही जानकारी मिल चुकी थी, जिसके बाद परिवार ने उससे संबंध समाप्त कर लिए थे। वहीं, अन्य सदस्यों ने भी पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जताते हुए सरकार और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
आरोपी के परिवार का कहना है कि वह अब न तो शव लेना चाहते हैं और न ही उसका कोई संबंध रखना चाहते हैं। पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई और परिजनों की प्रतिक्रिया को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है।
