(रणभेरी): नासिक (महाराष्ट्र) स्थित एक आईटी कंपनी के कार्यालय से जुड़े कथित गंभीर मामले में पुलिस जांच के दौरान एक संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। आरोप है कि नए कर्मचारियों, विशेषकर युवतियों को चुनकर उन्हें निशाना बनाया जाता था। इस मामले में अब तक सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क कथित तौर पर नई भर्ती हुई महिला कर्मचारियों की व्यक्तिगत और पारिवारिक परिस्थितियों की जानकारी जुटाकर उन्हें ‘टारगेट’ करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि आर्थिक रूप से कमजोर और समस्याओं से जूझ रही युवतियों को विशेष रूप से निशाना बनाया जाता था।
HR मैनेजर पर गंभीर आरोप
मामले में गिरफ्तार एक HR मैनेजर पर आरोप है कि उसने अन्य आरोपियों के साथ लगातार संपर्क में रहते हुए संदिग्ध चैटिंग की। पुलिस इन डिजिटल बातचीतों की भी जांच कर रही है, जिनमें दर्जनों बार संवाद होने की बात सामने आई है।
इसके अलावा आरोप यह भी है कि शिकायत करने वाली पीड़िताओं की बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया और कुछ मामलों में शिकायतों को दबाने या नजरअंदाज करने की कोशिश की गई।

धार्मिक दबाव और उत्पीड़न के आरोप
FIR और पीड़ितों के बयानों के आधार पर आरोप है कि प्रशिक्षण या कार्यस्थल के दौरान कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं और कर्मचारियों पर जीवनशैली बदलने का दबाव बनाया गया। यह भी आरोप है कि कुछ मामलों में धार्मिक गतिविधियों को लेकर दबाव डालने और मानसिक उत्पीड़न जैसी बातें सामने आई हैं।
शारीरिक शोषण और ब्लैकमेलिंग के आरोप
शिकायतों में यह भी दावा किया गया है कि कुछ मामलों में शादी का झांसा देकर संबंध बनाने और बाद में ब्लैकमेल करने जैसी घटनाएं हुईं। इसके अलावा कार्यालय परिसर के अंदर और बाहर छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार के आरोप भी लगाए गए हैं।
डिजिटल सबूत और वॉट्सऐप ग्रुप की जांच
पुलिस जांच में एक वॉट्सऐप ग्रुप का भी जिक्र सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर कर्मचारियों को ‘टारगेट’ करने और आपस में बातचीत करने की जानकारी मिली है। साइबर और फॉरेंसिक टीम इस डिजिटल डेटा की जांच कर रही है।
कई गिरफ्तारियां, जांच जारी
अब तक इस मामले में विभिन्न आरोपों के तहत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस नेटवर्क के अन्य शहरों या संस्थानों से भी संबंध हैं। पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि पीड़ितों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।
सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया
इस घटना पर कुछ सामाजिक संगठनों ने चिंता जताई है और सख्त कानून व्यवस्था तथा व्यापक जांच की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
