(रणभेरी): बॉलीवुड की बहुचर्चित कॉमेडी फ्रैंचाइज़ी हेरा फेरी 3 एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह हंसी-मजाक नहीं, बल्कि गंभीर कानूनी विवाद है। फिल्म के अधिकारों को लेकर निर्माता फिरोज नाडियाडवाला और साउथ की प्रोडक्शन कंपनी सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड आमने-सामने आ गए हैं। मामला अब मद्रास हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है।
कंपनी की ओर से दावा किया गया है कि ‘हेरा फेरी’ फ्रैंचाइज़ी के मूल अधिकार उनके पास हैं। आरोप है कि फिरोज नाडियाडवाला को वर्ष 2000 में रिलीज हुई पहली फिल्म हेरा फेरी के लिए केवल एक हिंदी रीमेक बनाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन इसके बाद उन्होंने 2006 में फिर हेरा फेरी और अब तीसरे भाग की तैयारी भी शुरू कर दी, जबकि इसके लिए वैध अनुमति नहीं ली गई।
सेवन आर्ट्स के प्रबंध निदेशक जीपी विजयकुमार के मुताबिक, 2022 में उन्होंने मलयालम फिल्म रामजी राव स्पीकिंग के मूल निर्माताओं से अधिकार खरीदे थे, जिस पर ‘हेरा फेरी’ आधारित है। उनका कहना है कि पहले सीक्वल के समय यह मुद्दा इसलिए सामने नहीं आया क्योंकि निर्देशक प्रियदर्शन से जुड़े आपसी संबंधों के चलते इसे नजरअंदाज कर दिया गया।
विवाद यहीं नहीं रुका। आरोप है कि नाडियाडवाला ने कथित तौर पर यही अधिकार अभिनेता अक्षय कुमार के प्रोडक्शन हाउस कैप ऑफ गुड फिल्म्स को भी सौंप दिए, जिसके खिलाफ कंपनी ने कानूनी नोटिस भेजा है।

फिलहाल इस पूरे मामले पर फिरोज नाडियाडवाला और अक्षय कुमार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं प्रियदर्शन ने भी यह कहकर दूरी बना ली है कि उन्हें इस कानूनी विवाद की जानकारी नहीं है।
गौरतलब है कि ‘हेरा फेरी 3’ पहले ही कलाकारों के आने-जाने और आंतरिक मतभेदों को लेकर चर्चा में रही है। अब अधिकारों का यह विवाद फिल्म की शूटिंग और रिलीज़ को लेकर नई अनिश्चितता खड़ी कर रहा है।
