(रणभेरी): राजधानी के कैसरबाग इलाके से पेंशन फर्जीवाड़े का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति पर अपने दिवंगत पिता की पहचान से छेड़छाड़ कर वर्षों तक पेंशन लेने का आरोप लगा है। मामले में उसके बेटों और भाई की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बीकेटी थाना क्षेत्र के पहाड़पुर निवासी आयुष कुमार की तहरीर पर दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, उनके ताऊ पुत्तीलाल लखनऊ विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे और वर्ष 2002 में सेवानिवृत्त हुए थे। पुत्तीलाल का निधन 23 दिसंबर 2017 को हो चुका है। आरोप है कि इसके बावजूद उनके पुत्र रामबहादुर ने अपने बेटों अभिषेक, विवेक और विशाल के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा और सरकारी अभिलेखों में पुत्तीलाल को वर्ष 2023 तक जीवित दर्शाया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि रामबहादुर ने अपने ताऊ चुन्नीलाल को पिता के रूप में प्रस्तुत कर उनका अंगूठा लगवाया और इसी आधार पर पेंशन की रकम प्राप्त करता रहा। जब चुन्नीलाल को इस कथित धोखाधड़ी की जानकारी हुई तो उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय में शपथ पत्र देकर पूरे मामले की जानकारी दी।
पेंशन विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पुत्तीलाल के नाम से अलग-अलग तिथियों के तीन मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किए गए थे। इन दस्तावेजों के सहारे करीब सात वर्षों तक पेंशन का लाभ उठाए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद मामले की शिकायत कैसरबाग थाने में की गई।
कैसरबाग पुलिस के अनुसार, पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और विवेचना जारी है। फर्जीवाड़े से जुड़े सभी दस्तावेज तलब किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
