वाराणसी (रणभेरी): मकर संक्रांति के बाद शुक्रवार को प्रशासन ने दालमंडी में दोबारा बुलडोजर कार्रवाई शुरू की। इस क्रम में मकान संख्या सीके 43/187 को पूरी तरह गिरा दिया गया। पहले मजदूरों द्वारा हथौड़ों से संरचना को कमजोर किया गया, जिसके बाद बुलडोजर ने कुछ ही देर में पूरे भवन को ध्वस्त कर दिया।
आज की कार्रवाई कई मायनों में अहम रही। पहली बार बुलडोजर नई सड़क से होते हुए लगभग 400 मीटर भीतर दालमंडी की संकरी गलियों से गुजरकर ध्वस्तीकरण स्थल तक पहुंचा। इससे उन दावों पर भी सवाल खड़े हो गए, जिनमें कहा जाता रहा है कि दालमंडी की गलियों में पैदल चलने के अलावा किसी भारी वाहन का प्रवेश संभव नहीं है।

प्रशासनिक कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होता दिख रहा है कि दालमंडी के बड़े हिस्से में अतिक्रमण मौजूद था। अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण हटने के बाद अब विकास कार्यों में तेजी लाई जाएगी और इसी उद्देश्य से आने वाले दिनों में लगातार बुलडोजर कार्रवाई जारी रहेगी। तय कार्यक्रम के अनुसार अप्रैल 2026 तक पूरे क्षेत्र में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता के.के. सिंह ने बताया कि अब तक 29 मकानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, जिनमें 101 हिस्सेदारों को कुल 24 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जा चुका है। वहीं, अब तक 28 भवनों को ध्वस्त किया जा चुका है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार दालमंडी क्षेत्र में कुल 181 मकान और 6 मस्जिदें चिन्हित हैं।
कार्रवाई के दौरान किसी भी अव्यवस्था से बचने के लिए पुलिस बल लगातार मौके पर तैनात रहा। लोगों को अनावश्यक रूप से क्षेत्र में एकत्र होने से रोका गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।
