बोले – वोट सूची से जुड़े सवालों पर चुनाव आयोग को देना चाहिए था स्पष्ट जवाब
वाराणसी (रणभेरी): ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा उठाए गए चुनावी मुद्दे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी मतदाता का वोट काटे जाने या जोड़े जाने की प्रक्रिया पूरी तरह तर्कसंगत और पारदर्शी होनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता, तो इससे चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।
शंकराचार्य ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उस पर जनता का विश्वास लोकतंत्र की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है। यदि आयोग निष्पक्ष दिखाई नहीं देगा, तो लोगों का लोकतांत्रिक व्यवस्था से विश्वास डगमगा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी पक्ष को शिकायत है तो उसका समयबद्ध और संतोषजनक समाधान होना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी के जाने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति या दल तभी न्यायालय की शरण लेता है, जब उसे कहीं और संतोषजनक सुनवाई नहीं मिलती। इससे यह संकेत मिलता है कि उनके पास कुछ ठोस तथ्य अवश्य होंगे, जिन्हें वह न्यायालय के समक्ष रखना चाहती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में संवाद, पारदर्शिता और निष्पक्षता अनिवार्य तत्व हैं, जिनकी रक्षा सभी संस्थाओं की जिम्मेदारी है।
