- 4 फरवरी तक शुक्र है अस्त, सिर्फ 21 दिन ही रहेगा शुभ शुद्ध मुहुर्त
- 24 फरवरी से 4 मार्च तक होलाष्टक के कारण समय अशुद्ध रहेगा
वाराणसी (रणभेरी): सामान्यत: खरमास की समाप्ति के बाद वैवाहिक (मुहुर्त) लग्न शुरू हो जाते हैं लेकिन इस बार ग्रहों की गणना के मुताबिक शुद्ध मुहुर्त 10 फरवरी से प्रारंभ होंगे। ज्योतिषविद् पं. विमल जैन के मुताबिक इस बार शुभ विवाह मुहुर्त की तारीखें फरवरी में 10, 13, 20, मार्च में 9,11,12, अप्रैल में 19,20,21, मई में 5,6,7, जून में 22,23,26,27, जुलाई में 1,6,7 व 21 नवम्बर से 15 दिसम्बर तक है।
इस प्रकार कुल 21 दिन ही शुभ मुहुर्त रहेगा। ज्योतिषविद् पं. विमल जैन के मुताबिक इस वर्ष के शुद्ध, अशुद्ध एवं अति आवश्यक विवाह मुहुर्त 10 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। विवाह के लिए शुद्ध समय मंगलवार 10 फरवरी से 20 फरवरी तक है। इसी तरह 9 मार्च से 12 मार्च, 19 अप्रैल से 21 अप्रैल, 5 मई से 7 मई, 22 जून से 27 जून, 1 जुलाई से 7 जुलाई 2026 तक है। ज्योतिषविद् पं. विमल जैन ने बताया कि पौष शुक्ल त्रयोदशी 1 जनवरी 2026 से फाल्गुन कृष्ण तृतीया 4 फरवरी तक शुक्र अस्त है।

धनु (खरमास) के कारण समय अशुद्ध रहेगा। फाल्गुन कृष्ण चतुर्थी 5 फरवरी 2026 गुरुवार से फाल्गुन शुक्ल सप्तमी मंगलवार 24 फरवरी 2026 तक शुद्ध रहेगा। 24 फरवरी से चैत्र कृष्ण प्रतिपदा बुधवार 4 मार्च तक होलाष्टक के कारण समय अशुद्ध रहेगा। 5 मार्च से 13 मार्च तक समय शुद्ध रहेगा। 14 मार्च से 14 अप्रैल तक मीन (खरमास) के कारण समय अशुद्ध रहेगा। 15 अप्रैल से प्रथम (शुद्ध) 16 मई तक समय शुद्ध रहेगा।

प्रथम (अधिक) 17 मई से द्तिीय (अधिक) ज्येष्ठ मास 15 तक अधिकमास के कारण समय अशुद्ध रहेगा। द्तिीय शुद्ध ज्येष्ठ मास 16 जून से 15 जुलाई तक समय अशुद्ध रहेगा। 15 जुलाई से कार्तिक मास 20 नवम्बर तककर्कायन, हरिशयन, गुरु शुक्र अस्त के कारण समय अशुद्ध रहेगा। कार्तिक मास शुक्ल पक्ष एकादशी शनिवार 21नवम्बर से मार्ग शीर्ष मास शुक्ल पक्ष षष्ठी मंगलवार 15 दिसम्बर तक समय शुद्ध रहेगा। 16 दिसम्बर 2026 से 14 जनवरी 2027 तक धनु (खरमास) के कारण समय अशुद्ध रहेगा।
