वाराणसी (रणभेर): समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने एक दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से लेकर राम मंदिर चंदा चोरी के मामले तक उन्होंने सरकार को घेरा। दालमंडी की तस्वीरें दिखाते हुए अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार ने 181 मकान और 500 से अधिक दुकानें तुड़वा दीं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मेट्रो परियोजना पर काम किया होता तो दालमंडी के लोगों के साथ इस तरह का अन्याय नहीं करना पड़ता।
सुंदरपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि दालमंडी में पहले लोगों को आपस में लड़वाया गया और बाद में टारगेट करके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि मेट्रो बन गई होती तो दालमंडी में बुलडोजर चलाने की नौबत नहीं आती। उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सरकार अदालत के आदेशों का भी पालन नहीं कर रही है। अखिलेश ने कहा कि डीएम पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया और इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 50 लाख रुपये के वकील को खड़ा करना पड़ा।
राम मंदिर चंदा चोरी पर भी सरकार को घेरा
राम मंदिर चंदा चोरी के मामले में संत समिति की ओर से चंपत राय को क्लीन चिट दिए जाने पर भी अखिलेश यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सवाल किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के नाम पर श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए चढ़ावे का है। श्रद्धालु पूरी आस्था और विश्वास के साथ दान करते हैं। ऐसे में चंदे के कथित गबन का मामला बेहद गंभीर है।
अखिलेश ने कहा कि सरकार ने इस मामले में एसआईटी गठित की और कर्मचारियों को जेल भेजा। इसके बाद एक और एसआईटी बना दी गई। उन्होंने सवाल किया कि जब सरकार ने कार्रवाई की और लोगों को जेल भेजा तो फिर क्लीन चिट कैसी? उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘ऊपर वाला क्लीन चिट कब देगा?’ इस मामले में अंतिम फैसला ऊपर वाला ही करेगा।
खुद को बताया जेन-जी
प्रेसवार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने खुद को जेन-जी बताते हुए कहा, ‘मैं अभी जेन-जी हूं।’ उनके इस बयान को लेकर भी चर्चा रही। उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर निशाना साधते हुए कई सवाल उठाए।
दिवंगत नेता के घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि
वाराणसी दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने पार्टी के दिवंगत नेता राजेश यादव नत्थू के आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद वह पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश फौजी के आवास पहुंचे, जहां उनका स्वागत किया गया।
अखिलेश शहर उत्तरी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अशफाक अहमद डब्लू के आवास पर भी पहुंचे। यहां उन्होंने उनके भाई के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की। इसके अलावा कोतवाली क्षेत्र में कार्यकर्ता लालू यादव के घर जाकर भी मुलाकात की। विभिन्न स्थानों पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। दौरे के सभी कार्यक्रमों के बाद अखिलेश यादव लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
