(रणभेरी): आजमगढ़ जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र में गोकशी और गोतस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में जमील के बाएं पैर में गोली लग गई, जबकि उसके भाई सलमान को पुलिस ने मौके से पकड़ लिया। घायल जमील को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदपुर भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, 25 अक्टूबर की रात थानाध्यक्ष अमित कुमार त्रिपाठी पुलिस टीम के साथ संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि गंभीरपुर थाना क्षेत्र के सरसेना खालसा गांव के कुछ लोग प्रतिबंधित पशु का वध कर मांस बेचने के बाद उसके अवशेष मोटरसाइकिल से लेकर जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीमों ने खराटी से आवक मोड़ के पास घेराबंदी की।
इसी बीच मोटरसाइकिल सवार दो संदिग्ध पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो आरोप है कि दोनों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में जमील घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया।
10 किलो मांस और अवैध तमंचा बरामद
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जमील (42) और सलमान (30), पुत्र स्वर्गीय मोबिन, निवासी लहबरिया सरसेना खालसा, थाना गंभीरपुर, आजमगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 किलोग्राम प्रतिबंधित पशु का मांस, पशु के अवशेष, लोहे का चापड़, एक मोटरसाइकिल और .315 बोर का अवैध तमंचा बरामद करने का दावा किया है। घटनास्थल से .315 बोर के दो खोखा कारतूस और एक मिस कारतूस भी मिलने की बात कही गई है।
छुट्टा पशुओं को पकड़कर वध करने का आरोप
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ के अनुसार, आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर आसपास घूमने वाले छुट्टा प्रतिबंधित पशुओं को पकड़ने, सुनसान स्थानों पर ले जाकर उनका वध करने और मांस को छोटे-छोटे टुकड़ों में बेचने की बात स्वीकार की है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने मांस की बिक्री से मिलने वाली रकम आपस में बांटने और उसी पैसे से अवैध असलहा खरीदने की बात भी बताई है। हालांकि, इन आरोपों की विवेचना की जा रही है।
पुलिस अब कथित नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और उनकी भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
सलमान पर पहले से दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सलमान के खिलाफ वर्ष 2017 में गोवध निवारण अधिनियम और वर्ष 2018 में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं। दोनों भाइयों के खिलाफ वर्तमान मामले में गंभीरपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 255/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), गोवध निवारण अधिनियम और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में कार्रवाई कर रही है।
कार्रवाई में थानाध्यक्ष अमित कुमार त्रिपाठी के साथ उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार मिश्रा, योगेश सरोज, वीरेंद्र कुमार यादव समेत थाने के अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि गोकशी और गोतस्करी के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। मामले में गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी है।
