वाराणसी (रणभेरी) : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचेंगे। इस दौरान उनका कार्यक्रम धार्मिक, प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ा रहेगा। मुख्यमंत्री संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित शिक्षक-स्नातक महासम्मेलन को संबोधित करेंगे। इसके अलावा वे जिले की कानून-व्यवस्था, विकास परियोजनाओं की प्रगति और प्रस्तावित एयर शो की तैयारियों का जायजा लेने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। दौरे के दौरान योगी आदित्यनाथ बाबा काल भैरव और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन भी करेंगे। धार्मिक स्थलों पर कार्यक्रम के बाद अधिकारियों के साथ बैठक में शहर की मौजूदा व्यवस्थाओं और विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा होने की संभावना है।
आठ जिलों के शिक्षक और स्नातक मतदाताओं का जुटान
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में दोपहर के समय शिक्षक एवं स्नातक महासम्मेलन प्रस्तावित है। इसमें वाराणसी खंड के आठ जिलों से शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के शामिल होने की उम्मीद है। सम्मेलन का आयोजन विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में किया जा रहा है।
वाराणसी खंड की शिक्षक और स्नातक एमएलसी सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान निर्धारित है। चुनाव क्षेत्र में वाराणसी और मिर्जापुर मंडल के जिलों के साथ बलिया भी शामिल है। मतदान से पहले होने वाले इस सम्मेलन को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके जरिए पार्टी मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने और प्रत्याशियों के पक्ष में समर्थन जुटाने की कोशिश करेगी।
कानून-व्यवस्था पर भी रहेगा फोकस
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री जिले की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। अधिकारियों से कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति और सुरक्षा संबंधी तैयारियों की जानकारी ली जाएगी। इसके साथ ही वाराणसी में संचालित विकास परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा होगी, ताकि कार्यों की स्थिति और उनसे जुड़े जरूरी पहलुओं का आकलन किया जा सके।
एयर शो की तैयारियों का लेंगे जायजा
वाराणसी में प्रस्तावित एयर शो को लेकर की जा रही तैयारियां भी समीक्षा बैठक के एजेंडे में रहेंगी। आयोजन की व्यवस्थाओं, सुरक्षा इंतजामों और संबंधित विभागों की तैयारियों पर अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ विकास कार्यों की समीक्षा और आगामी विधान परिषद चुनाव के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
