विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों पर साधा निशाना, चुनाव आयोग के समर्थन में रखी अपनी बात
वाराणसी (रणभेरी): भोजपुरी अभिनेता और भाजपा सांसद मनोज तिवारी रविवार को अपनी पत्नी के साथ वाराणसी पहुंचे। यहां उन्होंने शहर की गलियों और प्रमुख सड़कों पर घूमकर काशी के माहौल का आनंद लिया। इस दौरान वह गोदौलिया चौराहे पर भी पहुंचे। भ्रमण के दौरान एक दुकान पर जलेबी बनाते हुए उनका अंदाज भी देखने को मिला।
मनोज तिवारी इन दिनों कलर्स टीवी के कार्यक्रम ‘पति पत्नी और पंगा’ की शूटिंग के सिलसिले में वाराणसी आए हुए हैं। काशी से अपने पुराने जुड़ाव का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे अपना घर बताया। उन्होंने कहा कि उनके गायन की शुरुआत भी इसी शहर से हुई थी।
चुनाव आयोग पर सवाल उठाने वाले विपक्ष को घेरा
वाराणसी दौरे के दौरान मनोज तिवारी ने चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्ष के वोट चोरी संबंधी आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी संवैधानिक संस्था पर आरोप लगाने से पहले तथ्यों को समझना चाहिए।

तिवारी ने भाजपा के पिछले लोकसभा चुनावों के प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2014 में पार्टी को 282 और 2019 में 303 सीटें मिली थीं। वहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 240 सीटें प्राप्त हुईं। उन्होंने सवाल किया कि चुनावी नतीजे बदलने के बाद ही वोट चोरी के आरोपों को प्रमुखता क्यों दी जा रही है। उनके अनुसार, विपक्ष अपनी चुनावी असफलता के कारण चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है।
विदेशी हस्तक्षेप को लेकर जताई आशंका
भाजपा सांसद ने अपने बयान में सोशल मीडिया से जुड़े ध्रुव राठी और एलन मस्क का भी उल्लेख किया। उन्होंने भारतीय चुनाव प्रक्रिया को लेकर विदेशी लोगों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए देश की संप्रभुता से जुड़े मुद्दे उठाए। तिवारी ने आरोप लगाया कि कुछ गतिविधियां देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती हैं। हालांकि, विदेशी हस्तक्षेप या फंडिंग से संबंधित आरोपों के समर्थन में उन्होंने इस बातचीत के दौरान कोई ठोस सार्वजनिक साक्ष्य पेश नहीं किया।
प्रदर्शन के अधिकार के साथ कानून-व्यवस्था पर जोर
विपक्ष के प्रदर्शनों और उनमें हिंसा की घटनाओं को लेकर मनोज तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन इसके नाम पर हिंसा या सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का जिक्र करते हुए विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि देश की व्यवस्था बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा तैयार किए गए संविधान के अनुसार संचालित होती है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों को संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए।
मतदाता सूची के सत्यापन को बताया जरूरी
मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और चुनाव आयोग की ओर से नोटिस जारी किए जाने के मुद्दे पर भी भाजपा सांसद ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि पात्र मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए और मतदाता संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन प्रक्रिया का हिस्सा है। तिवारी ने मतदाता सूची की जांच का विरोध करने वालों की मंशा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत में मतदान का अधिकार भारतीय नागरिकों को निर्धारित नियमों के तहत मिलता है और विदेशी नागरिक इस अधिकार के पात्र नहीं हैं।
कांग्रेस के आंतरिक विवाद पर भी टिप्पणी
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद और पार्टी के भीतर चल रही खींचतान से जुड़े सवालों पर मनोज तिवारी ने इसे कांग्रेस का आंतरिक विषय बताया। हालांकि, उन्होंने कहा कि देश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर राजनीतिक दलों को जिम्मेदारी के साथ अपना पक्ष रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार विपक्ष के दबाव में आने वाली नहीं है। प्रदर्शन की अनुमति देना पुलिस और प्रशासन का काम है, लेकिन विरोध के दौरान हिंसा या अशांति फैलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
