लखनऊ एयरपोर्ट के लेबर कैंप में भीषण आग, तीन मंजिला बिल्डिंग जलकर राख; दो मजदूर घायल

लखनऊ एयरपोर्ट के लेबर कैंप में भीषण आग, तीन मंजिला बिल्डिंग जलकर राख; दो मजदूर घायल

(रणभेरी): लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परिसर में मंगलवार सुबह एक अस्थायी लेबर कैंप में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही समय में तीन मंजिला अस्थायी इमारत का बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। घटना में दो मजदूर घायल हुए हैं। दोनों को इलाज के लिए कृष्णानगर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक आग सुबह करीब 6:30 बजे लगी। देखते ही देखते कैंप के कई कमरों में आग फैल गई और आसमान में उठता धुआं दूर से भी दिखाई देने लगा। सूचना मिलने पर दमकल की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका।

प्लास्टिक से बनी थी अस्थायी इमारत

जिस भवन में आग लगी, वह एयरपोर्ट टर्मिनल से लगभग 250 से 300 मीटर की दूरी पर स्थित है। मजदूरों के ठहरने के लिए इसे अस्थायी रूप से पीवीसी और प्लास्टिक सामग्री से तैयार किया गया था। ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग ने बेहद तेजी से विकराल रूप ले लिया।

लखनऊ एयरपोर्ट के लेबर कैंप में भीषण आग, तीन मंजिला बिल्डिंग जलकर राख; दो मजदूर घायल

बताया गया है कि इस इमारत में करीब 33 छोटे कमरे बनाए गए थे, जहां लगभग 300 श्रमिक रह रहे थे। ये मजदूर एयरपोर्ट परिसर में चल रहे एक होटल के निर्माण कार्य से जुड़े हुए हैं।

दो मजदूर घायल

स्टेशन फायर ऑफिसर सुमित प्रताप सिंह के अनुसार, बिहार निवासी करीब 30 वर्षीय निर्मल आग की चपेट में आने से मामूली रूप से झुलस गया। वहीं प्रतापगढ़ निवासी 26 वर्षीय राहुल कुमार ने आग से बचने के लिए दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी, जिससे उसे चोट आई। दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

लखनऊ एयरपोर्ट के लेबर कैंप में भीषण आग, तीन मंजिला बिल्डिंग जलकर राख; दो मजदूर घायल

सो रहे थे मजदूर, अचानक मचा शोर

सीतापुर निवासी रामपाल ने बताया कि वह रात की ड्यूटी पूरी करने के बाद सो रहा था। इसी दौरान नीचे की मंजिल पर आग लग गई। कुछ ही देर में आग कई कमरों तक पहुंच गई। रामपाल के मुताबिक करीब 15 कमरे आग की चपेट में आ गए। किसी तरह बाहर निकलकर उसने अपनी जान बचाई, लेकिन उसके कपड़े और पैसे आग में जल गए।

एक अन्य मजदूर मूलचंद ने बताया कि वह करीब एक सप्ताह पहले ही यहां काम करने आया था। उसने रात करीब तीन बजे तक ड्यूटी की थी और इसके बाद सोने चला गया। सुबह शोर सुनकर उसकी नींद खुली तो कैंप में आग लगी थी। इसके बाद मजदूर जान बचाने के लिए बाहर भागे। आग में उनका काफी सामान जलकर नष्ट हो गया।

विमानों के संचालन पर असर नहीं

हादसे के बावजूद एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही सामान्य रही। आग टर्मिनल भवन से कुछ दूरी पर स्थित मजदूरों के कैंप में लगी थी, इसलिए फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित नहीं हुआ। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। संबंधित अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर किसी अन्य जनहानि की सूचना नहीं है।

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