वाराणसी (रणभेरी): शिवाला में सीवर के अंदर बालू से भरी 12 बोरियां मिलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। नगर निगम की जांच में सीवर लाइन के अंदर बोरियां मिलने के बाद अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। अब कांग्रेस ने इस मामले को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
सोमवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय शिवाला पहुंचे और सीवर में बोरियां मिलने वाली जगह का निरीक्षण किया। उन्होंने रंभा से मेनहोल का ढक्कन खुलवाकर कार्यकर्ताओं के साथ सीवर की स्थिति देखी।
अजय राय ने पूछा- CCTV फुटेज कहां है?
अजय राय ने कहा कि शिवाला क्षेत्र में त्रिनेत्र कमांड सेंटर के कैमरे लगे हैं। ऐसे में सीवर में बोरियां डालने वालों की पहचान अब तक क्यों नहीं हो सकी। उन्होंने सवाल किया कि अगर घटनास्थल के आसपास CCTV कैमरे मौजूद हैं तो उनकी फुटेज सामने क्यों नहीं लाई जा रही है।

उन्होंने नगर निगम से CCTV फुटेज सार्वजनिक करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। अजय राय ने आरोप लगाया कि अपनी नाकामी छिपाने के लिए इस तरह का कृत्य किया गया है।
कई इलाकों में मिली थी अवरोधक सामग्री
नगर निगम के अनुसार, शिवाला समेत शहर के कई इलाकों में सीवर लाइनों की सफाई के दौरान अवरोधक सामग्री मिली थी। शिवाला में करीब 12 बोरी बालू निकाली गई। इसके अलावा अन्य स्थानों पर बालू, पत्थर, लकड़ी का बुरादा, प्लाई और प्लास्टिक जैसी सामग्री भी मिलने की बात सामने आई थी।
मुख्य सीवर लाइन में अवरोध के कारण आसपास की गलियों में सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या बनी थी। जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता की शिकायत पर भेलूपुर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
CCTV से आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ के साथ CCTV फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस सीवर में बोरियां डालने वालों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। अजय राय के मौके पर पहुंचने के बाद अब CCTV फुटेज को लेकर नगर निगम और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।
