एकता नगर में पुरस्कार वितरण की तैयारी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों सम्मान मिलने की संभावना
(रणभेरी): राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के आयोजन को लेकर इस वर्ष एक अहम बदलाव देखने को मिल सकता है। लंबे समय से राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होते आ रहे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को पहली बार दिल्ली से बाहर ले जाने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के लिए गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) को संभावित आयोजन स्थल के तौर पर चुना गया है।
एकता नगर वही स्थान है, जहां देश की एकता और सरदार वल्लभभाई पटेल की स्मृति से जुड़ा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्थित है। दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा के रूप में पहचान बना चुका यह स्थल पिछले कुछ वर्षों में गुजरात के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल हुआ है।
23 सितंबर को हो सकता है पुरस्कार वितरण
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 23 सितंबर को प्रस्तावित गुजरात दौरे के दौरान राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए जाने की संभावना है। हालांकि आयोजन को लेकर अंतिम कार्यक्रम और आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
राष्ट्रपति के गुजरात दौरे में कई कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। वह वडोदरा स्थित महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा के दीक्षांत समारोह में शामिल हो सकती हैं। इसके बाद पदरा में ब्रह्माकुमारीज से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लेने का कार्यक्रम है। इसी यात्रा के दौरान उनके एकता नगर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। यदि योजना के मुताबिक कार्यक्रम हुआ, तो राष्ट्रपति वहीं 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं को सम्मानित कर सकती हैं।
दशकों पुरानी परंपरा में पहली बार बदलाव
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का समारोह आम तौर पर राजधानी दिल्ली में आयोजित किया जाता रहा है। पिछले वर्ष 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का कार्यक्रम 23 सितंबर 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित हुआ था। उस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए थे।
इस बार समारोह को राजधानी से बाहर आयोजित करने का प्रस्ताव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के इतिहास में यह आयोजन स्थल के लिहाज से एक बड़ा बदलाव होगा।
केवड़िया को आयोजन स्थल बनाने के पीछे क्या संदेश?
गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित एकता नगर देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में तेजी से उभरा है। यहां सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के अलावा कई पर्यटन और विकास परियोजनाएं मौजूद हैं।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आयोजन को एकता नगर में कराने से फिल्म, संस्कृति, पर्यटन और राष्ट्रीय एकता को एक मंच पर लाने का संदेश भी दिया जा सकता है। आयोजन स्थल का चयन ऐसे समय में हो रहा है जब 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में भी एकता नगर से जुड़ी रचना को सम्मान मिला है।
‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी-एकता का प्रतीक’ को भी मिला सम्मान
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में फिल्मकार आनंद एल राय की डॉक्यूमेंट्री ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी-एकता का प्रतीक’ को सम्मानित किया गया है। यह डॉक्यूमेंट्री स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण के साथ-साथ केवड़िया के विकास और उसके बदलते स्वरूप की कहानी को सामने रखती है। ऐसे में पुरस्कार समारोह को उसी स्थान पर आयोजित करने की संभावित योजना को आयोजन और पुरस्कार से जुड़े प्रतीकात्मक पहलू के रूप में भी देखा जा रहा है।
18 जुलाई को सामने आए थे पुरस्कारों के विजेता
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। 18 जुलाई 2026 को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार पाने वाले कलाकारों, फिल्मों और तकनीकी टीमों के नाम सामने आए थे।
इस बार ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला है। फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाली यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के सम्मान से नवाजा गया है।
वहीं सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की श्रेणी में कार्तिक आर्यन और ममूटी को संयुक्त रूप से पुरस्कार दिया गया है। कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ और ममूटी को ‘ब्रह्मयुगम’ में उनके अभिनय के लिए यह सम्मान मिला।
‘श्रीकांत’ को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म का पुरस्कार
हिंदी सिनेमा की बात करें तो राजकुमार राव अभिनीत ‘श्रीकांत’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म चुना गया है। फिल्म ने दृष्टिबाधित उद्योगपति श्रीकांत बोला के जीवन और उनके संघर्ष को केंद्र में रखा है। इस पुरस्कार के साथ फिल्म ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है।
अब आधिकारिक घोषणा पर नजर
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं के नाम घोषित होने के बाद अब निगाहें पुरस्कार वितरण समारोह पर हैं। यदि एकता नगर में आयोजन की योजना को अंतिम मंजूरी मिलती है, तो यह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के इतिहास में एक नया अध्याय होगा।
दिल्ली से बाहर होने वाला यह संभावित आयोजन गुजरात के पर्यटन स्थल एकता नगर को भी राष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी पहचान दिला सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि समारोह की तारीख, स्थान और राष्ट्रपति की मौजूदगी को लेकर सरकार की ओर से औपचारिक घोषणा कब की जाती है।
