वाराणसी (रणभेरी): रोहनिया थाना क्षेत्र में मंगलवार को इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया। जन्म के कुछ समय बाद ही किसी अज्ञात व्यक्ति ने एक नवजात शिशु को कथित तौर पर लोकलाज के डर से खेत में लावारिस हालत में छोड़ दिया। ठंड के बीच खेत में पड़े मासूम पर स्थानीय लोगों की नजर पड़ी तो उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही रोहनिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
बताया जा रहा है कि खेत में नवजात के पड़े होने की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी राजू सिंह पुलिस टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। वहां उन्होंने बच्चे को बेहद नाजुक स्थिति में पाया। पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए नवजात को उठाया और उसे उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्चे की जांच कर तत्काल उपचार शुरू किया। समय रहते चिकित्सा सुविधा मिलने से नवजात की हालत में धीरे-धीरे सुधार हुआ। फिलहाल बच्चा स्वस्थ बताया जा रहा है और चिकित्सकों की निगरानी में है।
आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू
घटना की जानकारी सामने आने के बाद रोहनिया पुलिस ने नवजात को खेत में छोड़ने वाले व्यक्ति की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के इलाके में रहने वाले लोगों से जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नवजात को खेत तक कौन लेकर आया और उसे वहां छोड़ने के पीछे क्या वजह रही।
पुलिस घटनास्थल और उसके आसपास की परिस्थितियों को भी जांच का हिस्सा बना रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि मामले की तह तक पहुंचकर नवजात को इस हालत में छोड़ने वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके।
समय पर पहुंची पुलिस, टली अनहोनी
स्थानीय लोगों के मुताबिक नवजात काफी देर तक खुले खेत में पड़ा रहता तो ठंड और अन्य परिस्थितियों के कारण उसकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था। सूचना मिलने के बाद पुलिस के तत्काल मौके पर पहुंचने से बच्चे को समय पर अस्पताल ले जाया जा सका।
घटना के बाद इलाके में भी लोगों के बीच नाराजगी देखी गई। लोगों ने मासूम को इस तरह असहाय अवस्था में छोड़ने की घटना की निंदा की। वहीं पुलिस टीम की तत्परता की स्थानीय लोगों ने सराहना की। लोगों का कहना है कि पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्चे को समय पर उपचार दिलाया, जिससे उसकी जान बच सकी।
एक ओर जहां नवजात को सुनसान खेत में छोड़ दिए जाने की घटना ने मानवीय संवेदनाओं पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस की समय पर कार्रवाई ने मासूम को नई जिंदगी दी। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मुश्किल घड़ी में समय पर मिली मदद किसी की जिंदगी बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और नवजात को खेत में छोड़ने वाले व्यक्ति की तलाश की जा रही है।
