वाराणसी (रणभेरी): तेलुगु सिनेमा के चर्चित अभिनेता, पटकथा लेखक और निर्देशक पोसानी कृष्णा मुरली इन दिनों अपनी पत्नी कुसुमा लता के साथ काशी प्रवास पर हैं। शनिवार को उन्होंने पत्नी के साथ वाराणसी की प्राचीन गलियों और स्थानीय बाजारों का भ्रमण किया। इस दौरान दोनों ने रिक्शे से शहर को करीब से देखा और काशी की पारंपरिक जीवनशैली को महसूस किया। पोसानी ने अपनी पत्नी के लिए प्रसिद्ध बनारसी साड़ी भी खरीदी।
काशी की गलियों में घूमते हुए अभिनेता ने स्थानीय बाजारों में लोगों से बातचीत की और बनारसी साड़ी की बुनाई तथा उसकी विशेषताओं के बारे में जानकारी ली। पारंपरिक माहौल और पुराने शहर की जीवंतता ने उन्हें खासा प्रभावित किया। भ्रमण के दौरान रिक्शा चालक को उन्होंने 300 रुपये भी दिए।
पत्नी के लिए पसंद की बनारसी साड़ी
काशी यात्रा के दौरान पोसानी कृष्णा मुरली ने अपनी पत्नी कुसुमा लता के लिए बनारसी साड़ी खरीदी। साड़ी की खरीदारी के दौरान उन्होंने उसके निर्माण, बुनाई की प्रक्रिया और बनारसी वस्त्र की खास पहचान के बारे में जानकारी ली।
बाजार में खरीदारी के बाद दोनों ने रिक्शे से पुरानी काशी की गलियों का रुख किया। संकरी गलियों, पुराने मकानों और स्थानीय बाजारों से गुजरते हुए उन्होंने बनारस के पारंपरिक रंग को करीब से देखा। इस दौरान उन्होंने रिक्शा चालक को मेहनत के तौर पर 300 रुपये दिए।

बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंचे
शहर भ्रमण के बाद पोसानी कृष्णा मुरली और उनकी पत्नी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। दोनों ने बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया और मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया। दर्शन के बाद मंदिर से बाहर निकले अभिनेता ने काशी की जमकर प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि वाराणसी का वर्तमान स्वरूप उन्हें काफी प्रभावित कर रहा है। उनके मुताबिक शहर में पहले की अपेक्षा काफी बदलाव दिखाई देता है। सड़क, यातायात और अन्य विकास कार्यों के साथ काशी के वातावरण में भी उन्हें सकारात्मक परिवर्तन महसूस हुआ।
बोले- काशी बार-बार आने का मन करता है
पोसानी कृष्णा मुरली ने बताया कि वह पहले भी फिल्म से जुड़े काम के सिलसिले में वाराणसी आ चुके हैं। हालांकि, उस समय और अब के वाराणसी में उन्हें काफी अंतर नजर आया। उनका कहना है कि शहर में हुए विकास कार्यों से काशी का स्वरूप बदला है।
अभिनेता ने कहा कि काशी का माहौल उन्हें बेहद पसंद आया। धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण के साथ शहर की पुरानी पहचान आज भी बरकरार है। यही वजह है कि यहां आने के बाद उन्हें बार-बार वाराणसी लौटने और कुछ समय बिताने की इच्छा होती है।
तेलुगु सिनेमा में लंबा अनुभव
पोसानी कृष्णा मुरली तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के उन कलाकारों में शामिल हैं, जिन्होंने अभिनय के साथ-साथ लेखन और निर्देशन में भी अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई फिल्मों के लिए पटकथा और संवाद लिखे हैं।
बताया जाता है कि उन्होंने 150 से अधिक तेलुगु फिल्मों के लिए कहानी, पटकथा या संवाद लेखन में योगदान दिया है। इसके अलावा वह कई फिल्मों के निर्देशन और निर्माण से भी जुड़े रहे हैं। उनकी फिल्मों में सामाजिक विषयों के साथ मनोरंजन का मिश्रण देखने को मिलता रहा है।
अभिनय के क्षेत्र में भी पोसानी ने अलग पहचान बनाई। अलग-अलग तरह की भूमिकाओं को अपने अंदाज में निभाने के लिए उन्हें तेलुगु दर्शकों के बीच जाना जाता है। लंबे समय से फिल्म उद्योग में सक्रिय रहने के कारण वह दक्षिण भारतीय सिनेमा में एक बहुआयामी कलाकार के रूप में पहचाने जाते हैं।

राजनीति में भी आजमा चुके हैं किस्मत
फिल्मी दुनिया के अलावा पोसानी कृष्णा मुरली राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2009 में उन्होंने आंध्र प्रदेश की चिलकलुरिपेट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि, चुनाव परिणाम उनके पक्ष में नहीं रहा और उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
फिल्म लेखन, निर्देशन और अभिनय के बाद राजनीति में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने वाले पोसानी अब एक बार फिर काशी यात्रा को लेकर चर्चा में हैं। पत्नी के साथ उनका बनारस भ्रमण धार्मिक आस्था के साथ-साथ शहर की संस्कृति और विरासत को करीब से जानने का अनुभव भी रहा।
