वाराणसी (रणभेरी): शिवपुर थाना क्षेत्र के बेलवरियां गांव में बारिश के बाद एक दर्दनाक हादसा सामने आया। घर से खेलने के लिए निकले कक्षा-2 के 10 वर्षीय छात्र की निर्माणाधीन मकान की गहरी नींव में जमा पानी में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। करीब एक घंटे की तलाश के बाद बच्चे को पानी से बाहर निकाला गया और परिजन उसे दीनदयाल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
सुबह खेलते हुए घर से निकला था आशु
बेलवरियां गांव निवासी आशु पटेल कक्षा-2 में पढ़ता था। परिजनों के अनुसार गुरुवार सुबह बारिश के बाद मौसम कुछ साफ हुआ तो आशु करीब 11 बजे घर से बाहर खेलने के लिए निकला था। परिवार को उम्मीद थी कि वह आसपास के बच्चों के साथ खेलकर थोड़ी देर में वापस लौट आएगा।
लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी जब आशु घर नहीं पहुंचा तो परिजनों को चिंता हुई। पहले आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की गई। पड़ोसियों, रिश्तेदारों और परिचितों से भी बच्चे के बारे में जानकारी ली गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
CCTV फुटेज से मिली अहम जानकारी
आशु की तलाश के दौरान परिजनों ने आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी। फुटेज में बच्चा घर से निकलने के बाद कॉलोनी में स्थित एक निर्माणाधीन मकान की तरफ जाता दिखाई दिया।
CCTV में आशु को उस दिशा में जाते देखने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों का ध्यान निर्माणाधीन मकान की ओर गया। वहां पहुंचने पर पता चला कि मकान की नींव के लिए जेसीबी से खोदा गया गहरा गड्ढा बारिश के पानी से भर चुका था।
गड्ढा काफी गहरा होने और उसमें पानी भरा होने के कारण आशंका हुई कि बच्चा उसमें गिर गया हो सकता है। इसके बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल पानी में तलाश शुरू कर दी।
करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद मिला शव
स्थानीय लोगों ने गड्ढे में उतरकर और आसपास तलाश कर आशु को खोजने का प्रयास किया। पानी अधिक होने के कारण खोज अभियान में काफी परेशानी हुई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे का शव गहरी नींव में जमा पानी से बरामद किया गया।
आशु को बाहर निकालने के बाद परिजन उसे तत्काल दीनदयाल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में मौत की पुष्टि होते ही परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
परिजनों ने जताई बच्चे को धक्का दिए जाने की आशंका
हादसे के बाद परिजनों ने आशंका जताई कि यह केवल दुर्घटना थी या किसी ने बच्चे को गड्ढे में धक्का दिया, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस निर्माणाधीन मकान के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच करेगी। बच्चे के वहां पहुंचने से लेकर गड्ढे में गिरने तक की परिस्थितियों को समझने के लिए फुटेज और मौके से मिले अन्य साक्ष्यों को देखा जाएगा।
CCTV फुटेज से खुलेगा हादसे का राज
पुलिस के सामने फिलहाल यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि आशु खुद खेलते हुए गड्ढे के पास पहुंचा और पानी में गिर गया या फिर घटना के पीछे कोई अन्य वजह थी। आसपास के CCTV कैमरों की अलग-अलग समय की रिकॉर्डिंग की जांच से इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
निर्माणाधीन मकान की गहरी नींव में बारिश का पानी भरने के बावजूद वहां सुरक्षा के इंतजाम थे या नहीं, इसकी जानकारी भी जांच के दौरान सामने आ सकती है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाने की बात कह रही है।
एक साल में परिवार पर टूटा दूसरा दुख
आशु की मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों के मुताबिक, पिछले एक साल के भीतर यह परिवार में दूसरी बड़ी मौत है। करीब एक साल पहले परिवार की पांच वर्षीय बेटी की बीमारी के चलते मौत हो गई थी।
अब मासूम आशु की मौत से परिवार पर एक बार फिर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बेटे की मौत की खबर सुनकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी घटना के बाद शोक का माहौल है।
बारिश के बाद खुले और असुरक्षित निर्माण स्थलों पर पानी भर जाने से बच्चों और राहगीरों के लिए खतरा बढ़ जाता है। बेलवरियां की यह घटना ऐसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े करती है।
