राखी से 3 दिन पहले भाई की मौत, अंतिम विदाई में बहनों ने शव को बांधी राखी; बोलीं- हर साल गिफ्ट देता था, इस बार जिंदगीभर का दर्द दे गया

राखी से 3 दिन पहले भाई की मौत, अंतिम विदाई में बहनों ने शव को बांधी राखी; बोलीं- हर साल गिफ्ट देता था, इस बार जिंदगीभर का दर्द दे गया

वाराणसी (रणभेरी): रक्षाबंधन के त्योहार से महज तीन दिन पहले वाराणसी में एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं। चेतगंज क्षेत्र के काली महल निवासी 50 वर्षीय त्रिलोकी मोदनवाल उर्फ मंटू की करंट लगने से मौत हो गई। रक्षाबंधन के लिए मायके आने की तैयारी कर रहीं उनकी तीन बहनों को जब भाई के निधन की खबर मिली तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

भाई की अंतिम विदाई के वक्त बहनों ने अपने भाई की कलाई पर राखी बांधी और माथे पर तिलक लगाया। इसके बाद वे शव से लिपटकर बिलख पड़ीं। जिस भाई के साथ हर साल रक्षाबंधन पर हंसी-मजाक और खुशियों का माहौल रहता था, उसी भाई को इस बार बहनों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

बहनों का कहना है कि त्रिलोकी हर साल रक्षाबंधन पर उन्हें किसी न किसी उपहार से चौंकाते थे। इस बार भी उन्हें भाई के सरप्राइज का इंतजार था, लेकिन उन्हें ऐसा सरप्राइज मिला, जिसे वे जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगी।

वाटर कूलर की मोटर चालू करने गए थे त्रिलोकी

परिजनों के मुताबिक 25 अगस्त की सुबह बारिश के कारण त्रिलोकी ने अपना जिम बंद रखने का फैसला किया था। वह घर पर ही मौजूद थे। इसी दौरान वह रोज की तरह सड़क किनारे लगे वाटर कूलर की मोटर चलाने के लिए गए थे। बताया गया कि कूलर में पानी भरने के लिए मोटर चलाते समय उसमें करंट उतर आया और त्रिलोकी उसकी चपेट में आ गए।

परिजन उन्हें बचाने की कोशिश करते, इससे पहले ही उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही घर में कोहराम मच गया। उसी दिन अंतिम संस्कार किया गया। बड़े बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी। परिवार के अनुसार, यह वाटर कूलर शहर दक्षिणी क्षेत्र के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी की विधायक निधि से लगवाया गया था।

राखी से 3 दिन पहले भाई की मौत, अंतिम विदाई में बहनों ने शव को बांधी राखी; बोलीं- हर साल गिफ्ट देता था, इस बार जिंदगीभर का दर्द दे गया

चार भाइयों और तीन बहनों में तीसरे नंबर पर थे

त्रिलोकी चार भाइयों और तीन बहनों में तीसरे स्थान पर थे। उनकी तीनों बहनों निवेदिता, सोनी और मधु की शादी हो चुकी है। परिवार के भाइयों के बीच पहले ही बंटवारा हो चुका है।

त्रिलोकी का परिवार उनके अचानक चले जाने से गहरे संकट में है। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी प्रतिभा की शादी हो चुकी है। घर में पत्नी राजकुमारी के अलावा 25 वर्षीय एलएलबी पास बेटा, 17 वर्षीय बेटा और 15 वर्षीय बेटी रहती है। सबसे बड़ा बेटा प्रकाश है, जिसकी शादी नवंबर में तय है। जिस पिता को बेटे की शादी की तैयारियों में व्यस्त होना था, वही पिता अब परिवार के बीच नहीं हैं।

बहन ने कहा- भाई तिलक को लेकर भी मजाक करते थे

बहन निवेदिता ने बताया कि रक्षाबंधन को लेकर उन्होंने पहले से तैयारियां कर रखी थीं। भाई की पसंद की राखी खरीदी थी और मिठाई भी मंगाने की तैयारी थी। उन्हें क्या पता था कि जिस भाई की कलाई पर राखी बांधने वह मायके आएंगी, वहां भाई का पार्थिव शरीर उनका इंतजार कर रहा होगा।

निवेदिता के मुताबिक त्रिलोकी रक्षाबंधन को लेकर काफी उत्साहित रहते थे। बहनें जब उन्हें तिलक लगातीं तो वह मजाक में तिलक सीधा करने के लिए कहते थे। राखी बांधते समय भी वह बहनों से हंसी-मजाक करते थे। इस बार वही रस्म हुई, लेकिन माहौल पूरी तरह बदल चुका था। तिलक लगाया गया, राखी बांधी गई, मगर सामने भाई मुस्कुराने के बजाय हमेशा के लिए शांत पड़ा था।

राखी से 3 दिन पहले भाई की मौत, अंतिम विदाई में बहनों ने शव को बांधी राखी; बोलीं- हर साल गिफ्ट देता था, इस बार जिंदगीभर का दर्द दे गया

बहन बोली- इस बार मिला सबसे महंगा गिफ्ट

दूसरी बहन सोनी अपने भाई को याद करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि त्रिलोकी हर रक्षाबंधन पर अपनी बहनों के लिए कुछ न कुछ नया जरूर लाते थे। उनके लिए राखी सिर्फ एक परंपरा नहीं थी, बल्कि बहनों के साथ समय बिताने और खुशियां साझा करने का मौका था।

सोनी ने कहा कि अगर किसी साल कोई बहन राखी बांधने नहीं पहुंच पाती थी तो त्रिलोकी नाराजगी जताते थे। इस बार भी बहनों को भरोसा था कि भाई उन्हें बुलाएगा, राखी बंधवाएगा और हमेशा की तरह कोई नया तोहफा देकर चौंकाएगा। लेकिन इस बार जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया कि बहनों के पास कहने को सिर्फ दर्द रह गया।

बेटी बोली- पापा लड्डू बनाने की बात कहकर गए थे

त्रिलोकी की 15 वर्षीय बेटी सोनम पिता को याद कर फफक पड़ी। उसने बताया कि घटना वाले दिन पिता घर से यह कहकर निकले थे कि शाम को लौटकर लड्डू बनाएंगे। परिवार को क्या पता था कि यह पिता की आखिरी विदाई होगी।

सोनम के मुताबिक उसकी मां की तबीयत अक्सर खराब रहती है। ऐसे में पिता घर के कामों में भी हाथ बंटाते थे। खाना बनाने से लेकर परिवार की दूसरी जिम्मेदारियों तक वह मदद करते थे। बेटी का सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि पिता के जाने के बाद घर की जिम्मेदारी कौन संभालेगा।

नवंबर में बड़े भाई प्रकाश की शादी भी तय है। परिवार में शादी की तैयारियों को लेकर बातचीत चल रही थी। पिता ने भी बेटे की शादी के लिए तैयारियां शुरू कर दी थीं। अब शादी का उत्सव पिता की कमी के दर्द के बीच होगा।

बॉडीबिल्डिंग में भी बनाई थी पहचान

त्रिलोकी केवल जिम संचालक ही नहीं थे, बल्कि बॉडीबिल्डिंग में भी उनकी पहचान थी। वह रामकटोरा क्षेत्र में ‘द फिटनेस किंग जिम’ चलाते थे। खुद भी बॉडीबिल्डिंग करते थे और मिस्टर नॉर्थ इंडिया का खिताब हासिल कर चुके थे।

उम्र बढ़ने के बाद उन्होंने प्रतियोगिताओं में बतौर खिलाड़ी हिस्सा लेना कम कर दिया था, लेकिन खेल से उनका जुड़ाव बना रहा। उन्हें विभिन्न बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिताओं में जज के तौर पर भी बुलाया जाता था।

परिवार का कहना है कि त्रिलोकी ने खेल के क्षेत्र में मेहनत से अपनी पहचान बनाई थी। उनके अचानक चले जाने से परिवार को आर्थिक और भावनात्मक दोनों तरह का बड़ा नुकसान हुआ है।

परिवार की मांग- सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, रोजगार मिले

त्रिलोकी के भाई गौतम का कहना है कि परिवार को नेताओं और जनप्रतिनिधियों की ओर से आर्थिक सहायता का भरोसा दिया गया है। हालांकि परिवार की प्राथमिकता केवल आर्थिक मदद या चेक नहीं है।

उनका कहना है कि त्रिलोकी के बच्चों के भविष्य को देखते हुए परिवार के किसी एक सदस्य को रोजगार मिलना चाहिए, ताकि घर का खर्च नियमित रूप से चल सके और बच्चों की पढ़ाई व भविष्य प्रभावित न हो।

अचानक हुई मौत ने एक ऐसे परिवार को संकट में डाल दिया है, जो कुछ ही महीनों बाद बेटे की शादी की तैयारियों में जुटने वाला था। रक्षाबंधन पर जिस घर में बहनों के आने से खुशियां लौटनी थीं, वहां अब भाई की तस्वीर के सामने आंसू हैं। बहनों की कलाई पर राखी तो बंधी, लेकिन जिस भाई की लंबी उम्र की दुआ हर साल की जाती थी, इस बार वही भाई जिंदगी की डोर हमेशा के लिए छोड़ गया।

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