वाराणसी (रणभेरी): सीर गोवर्धनपुर क्षेत्र में लंबे समय से बने जलभराव को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश अब सड़क पर दिखाई देने लगा है। मुख्य मार्ग पर करीब एक महीने से जमा गंदे पानी की समस्या को लेकर समाजवादी पार्टी के बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी के महानगर अध्यक्ष अमन यादव ने अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। उन्होंने सड़क पर जमा पानी में स्नान किया और कुछ देर बाद उसी पानी के बीच लेटकर नगर निगम तथा जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
अमन यादव का कहना है कि क्षेत्र में जलनिकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से इसका स्थायी समाधान नहीं कराया जा रहा है। उनका आरोप है कि सड़क पर नाले का गंदा पानी करीब एक फुट तक जमा है। इससे राहगीरों, स्थानीय निवासियों, बच्चों और बुजुर्गों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान निकाला गया था पानी
प्रदर्शन कर रहे अमन यादव ने आरोप लगाया कि 29 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम को देखते हुए संबंधित मार्ग से पानी हटाने के लिए अस्थायी इंतजाम किए गए थे। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए सड़क पर जमा पानी को बाहर निकालने की व्यवस्था की गई थी।
अमन यादव के मुताबिक, मुख्यमंत्री का कार्यक्रम समाप्त होने के बाद पानी की निकासी के लिए बनाई गई अस्थायी व्यवस्था को हटा दिया गया या बंद कर दिया गया। इसके बाद से मुख्य मार्ग पर दोबारा पानी जमा होने लगा और धीरे-धीरे स्थिति गंभीर होती चली गई।

उनका दावा है कि तब से अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। सड़क पर लगातार गंदा पानी जमा रहने के कारण वहां कीचड़ और फिसलन भी बढ़ गई है।
जनरेटर से कुछ देर पानी निकालने का आरोप
अमन यादव ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि जब स्थानीय लोगों की ओर से लगातार शिकायत की जाती है तो कभी-कभार पानी निकालने के लिए जनरेटर या पंप की व्यवस्था की जाती है। कुछ समय तक मशीन चलाकर पानी निकालने का प्रयास किया जाता है, लेकिन थोड़ी देर बाद उसे बंद कर दिया जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पानी निकालने की कार्रवाई की तस्वीरें और वीडियो अधिकारियों तक भेज दिए जाते हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के लिए जरूरी काम आगे नहीं बढ़ता। उनका कहना है कि यदि जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो बारिश के दौरान हालात और खराब हो सकते हैं।
एक महीने से मिल रहा सिर्फ आश्वासन
विरोध के दौरान अमन यादव ने कहा कि स्थानीय लोग लगातार अधिकारियों से संपर्क कर जलभराव दूर कराने की मांग कर रहे हैं। उनके मुताबिक, कई बार अधिकारियों से हाथ जोड़कर अनुरोध किया गया कि कम से कम जनरेटर लगाकर सड़क पर जमा पानी को बाहर निकलवा दिया जाए।

उन्होंने दावा किया कि हर बार अलग-अलग समय सीमा बताकर समस्या दूर करने का आश्वासन दिया गया। कभी कुछ मिनट में पानी निकालने की बात कही गई तो कभी एक घंटे के भीतर समाधान का भरोसा दिलाया गया। लेकिन उनके अनुसार, आश्वासन देते-देते लगभग एक महीने का समय गुजर गया और स्थिति जस की तस बनी हुई है।
पानी और कीचड़ से राहगीरों को परेशानी
मुख्य मार्ग पर लंबे समय से पानी जमा होने के कारण स्थानीय लोगों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जमा पानी के कारण यह पता लगाना भी मुश्किल हो जाता है कि नीचे सड़क की स्थिति कैसी है। कई स्थानों पर कीचड़ और फिसलन होने से राहगीरों के गिरने की शिकायत भी सामने आने की बात कही गई है।
अमन यादव ने कहा कि सबसे अधिक परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोगों को गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी यह रास्ता जोखिम भरा हो गया है।
उन्होंने कहा कि यह केवल जलभराव का मामला नहीं है, बल्कि साफ-सफाई और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा विषय भी है। लंबे समय तक सड़क पर गंदा पानी जमा रहने से आसपास के लोगों को दुर्गंध और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
सड़क पर स्नान कर जताया विरोध
जलभराव की समस्या के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए अमन यादव ने सड़क पर जमा पानी में ही स्नान किया। इसके बाद उन्होंने पानी के बीच लेटकर प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान उन्होंने इसे शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने वाला सांकेतिक प्रदर्शन बताया।
प्रदर्शन से पहले जारी की गई सूचना में भी कहा गया था कि जलभराव से परेशान स्थानीय लोग अब सड़क पर जमा नाले के पानी में स्नान कर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए मजबूर हैं। प्रदर्शन के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि जिस पानी से स्थानीय लोगों को रोज गुजरना पड़ रहा है, वही पानी अब विरोध का माध्यम बन गया है।
नगर आयुक्त और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत का दावा
अमन यादव ने बताया कि जलभराव की समस्या को लेकर नगर आयुक्त के समक्ष शिकायत रखी जा चुकी है। इसके अलावा क्षेत्र से संबंधित अधिकारी पंकज पटेल को भी समस्या की जानकारी दिए जाने का दावा किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि मामले को मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज कराया गया है। उनका आरोप है कि अलग-अलग स्तरों पर शिकायत करने और अधिकारियों को समस्या से अवगत कराने के बाद भी अब तक ऐसी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे जलभराव की समस्या पूरी तरह समाप्त हो सके।
संत रविदास मंदिर और बीएचयू को जोड़ता है मार्ग
अमन यादव ने बताया कि जिस मार्ग पर पानी जमा है, वह क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण रास्ता है। यह मार्ग संत रविदास मंदिर और काशी हिंदू विश्वविद्यालय की ओर आने-जाने वाले लोगों के लिए इस्तेमाल होता है।
उन्होंने कहा कि इस रास्ते से आम लोगों के अलावा प्रशासनिक अधिकारी भी गुजरते हैं। उनके मुताबिक जिलाधिकारी, मंडलायुक्त और अन्य अधिकारी भी इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। इसके बावजूद लंबे समय से सड़क पर जमा पानी की समस्या का समाधान नहीं होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की मांग
प्रदर्शन के दौरान अमन यादव ने नगर निगम और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सबसे पहले सड़क पर जमा गंदे पानी को तत्काल हटाया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि केवल जनरेटर या पंप लगाकर अस्थायी रूप से पानी निकालने के बजाय जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था तैयार की जाए। उनका कहना है कि जब तक नाले और सड़क की निकासी व्यवस्था को ठीक नहीं किया जाएगा, तब तक बारिश अथवा नाले का पानी दोबारा सड़क पर जमा होता रहेगा।
