वाराणसी (रणभेरी): शहर की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने शनिवार रात बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया। मासिक अपराध समीक्षा बैठक के बाद निष्क्रियता और लापरवाही के आरोपों में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG-2) को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया। यूनिट में तैनात दरोगाओं समेत सभी पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन भेज दिया गया है। बाद में नई टीम का गठन किया जाएगा।
क्राइम मीटिंग के दौरान कई थाना प्रभारियों और चौकी इंचार्जों के कार्यों की समीक्षा की गई, जिसके बाद बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया। मिर्जामुराद थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पाण्डेय को लाइन हाजिर कर दिया गया। उन पर एक युवती से जुड़े संवेदनशील मामले में लापरवाही बरतने के आरोप भी बताए जा रहे हैं। उनकी जगह साइबर क्राइम थाने में तैनात गोपाल जी कुशवाहा को मिर्जामुराद थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वहीं कैंट थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा को हटाकर सिगरा थाने का प्रभारी बनाया गया है। सिगरा के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्रा को रामनगर थाने की कमान दी गई है। रामनगर में तैनात राजकिशोर पाण्डेय को कैंट थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा पुलिस कमिश्नर के पीआरओ उपनिरीक्षक विकास सिंह को रोडवेज चौकी इंचार्ज बनाया गया है।
बैठक में पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट कहा कि वही अधिकारी और थाना प्रभारी अपने पद पर बने रहेंगे, जो अपराध नियंत्रण, विवेचना, जनसुनवाई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में बेहतर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण और जनता से बेहतर संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया।
अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी, डीसीपी काशी गौरव बंसवाल, डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार और डीसीपी गोमती नीतू समेत सभी जोन के अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।
बैठक में ट्रैफिक प्रबंधन, महिला अपराध, साइबर अपराध, गोतस्करी और एनडीपीएस मामलों पर विशेष फोकस किया गया। पुलिस कमिश्नर ने ई-समन पोर्टल, सीसीटीएनएस, यक्ष ऐप और डिजिटल पुलिसिंग व्यवस्था के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए। साथ ही सोशल मीडिया पॉलिसी के पालन और जनप्रतिनिधियों से समन्वय बनाए रखने पर भी बल दिया गया।
