वाराणसी प्रदेश का 8वां सबसे गर्म शहर, 14 जून तक मौसम बदलने के आसार

वाराणसी प्रदेश का 8वां सबसे गर्म शहर, 14 जून तक मौसम बदलने के आसार

वाराणसी (रणभेरी): पूर्वांचल में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को वाराणसी में सुबह से ही तेज धूप ने लोगों को परेशान किया। दिन चढ़ने के साथ तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे शहर प्रदेश के सबसे गर्म जिलों की सूची में आठवें स्थान पर दर्ज किया गया। मौसम में मौजूद नमी और गर्म हवाओं के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार शहर में हवा की गति करीब 11 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि आर्द्रता का स्तर 37 प्रतिशत दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान के साथ नमी बढ़ने से गर्मी का प्रभाव और अधिक महसूस हो रहा है।

तीन दिनों तक बारिश के आसार

मौसम वैज्ञानिकों ने 12 जून से 14 जून के बीच वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना जताई है। विशेषज्ञों के अनुसार यह वर्षा मानसून के आगमन से पहले होने वाली प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा होगी। इससे कुछ समय के लिए लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।
हालांकि मौसम विशेषज्ञ प्रोफेसर मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि बारिश का यह दौर ज्यादा लंबा नहीं रहेगा। उनके अनुसार 14 जून के बाद दो से तीन दिनों तक तापमान फिर तेजी से बढ़ सकता है और क्षेत्र में गर्मी अपने तीखे तेवर दिखा सकती है।

श्रद्धालुओं को गर्मी से बचाने के लिए विशेष इंतजाम

भीषण गर्मी को देखते हुए काशी विश्वनाथ धाम प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई विशेष व्यवस्थाएं की हैं। मंदिर परिसर और कॉरिडोर में आने वाले भक्तों को राहत देने के लिए जगह-जगह ठंडे पेयजल की व्यवस्था की गई है।

मंदिर प्रशासन के अनुसार परिसर में वाटर कूलर लगाए गए हैं, जबकि जमीन पर गीली जूट की मैट बिछाई जा रही है ताकि पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को गर्म फर्श से राहत मिल सके। इसके अलावा छाया उपलब्ध कराने के लिए अस्थायी जर्मन हैंगर भी लगाए गए हैं।

वाराणसी प्रदेश का 8वां सबसे गर्म शहर, 14 जून तक मौसम बदलने के आसार

काशी विश्वनाथ धाम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर श्रद्धालुओं को गर्मी से बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उपलब्ध अस्थायी व्यवस्थाओं के साथ-साथ भविष्य में स्थायी समाधान विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

धाम में स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए धाम परिसर में अस्थायी चिकित्सीय केंद्र भी संचालित किया जा रहा है। यहां स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। गर्मी और लू से प्रभावित लोगों को प्राथमिक उपचार देने के लिए चिकित्सा कर्मियों की तैनाती की गई है।

जून के अंतिम सप्ताह तक पहुंच सकता है मानसून

दक्षिण भारत में मानसून की सक्रियता बढ़ने के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश के मौसम में भी बदलाव के संकेत दिखाई देने लगे हैं। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो 25 जून के आसपास वाराणसी सहित पूर्वांचल के क्षेत्रों में मानसून दस्तक दे सकता है।

हालांकि भारतीय मौसम विभाग की ओर से अभी उत्तर प्रदेश में मानसून के प्रवेश की आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि हवा की दिशा, नमी के स्तर और मौसमी परिस्थितियों का आकलन करने के बाद अगले कुछ दिनों में मानसून आगमन की संभावित तारीख जारी की जा सकती है। फिलहाल वाराणसी के लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन आगामी दिनों में होने वाली प्री-मानसून बारिश से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

Share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *