वाराणसी (रणभेरी): उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP TET) 2026 का आयोजन शुक्रवार को दूसरे दिन भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी के बीच कराया गया। जिले के 68 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 9:30 बजे शुरू हुई, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से प्रारंभ होकर शाम 5 बजे तक चलेगी।
परीक्षा शुरू होने से काफी पहले ही अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह लगभग आठ बजे से ही केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की लंबी कतारें दिखाई देने लगीं। प्रवेश प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए सभी केंद्रों पर सुरक्षा कर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी।
तीन चरणों में हुई जांच
नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक अभ्यर्थी की तीन स्तरों पर गहन जांच की गई। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले उम्मीदवारों की शारीरिक तलाशी ली गई। कई स्थानों पर शर्ट की बांहें ऊपर करवाकर जांच की गई, जबकि जूते और मोजे उतरवाकर भी तलाशी ली गई।
इलेक्ट्रॉनिक या ब्लूटूथ सुविधा वाली घड़ी पहनकर पहुंचे अभ्यर्थियों को पहले उसे बाहर जमा करने या उतारने के लिए कहा गया। सुरक्षा मानकों का पालन करने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति दी गई।
33 हजार से अधिक अभ्यर्थी हुए शामिल
शुक्रवार को दोनों पालियों को मिलाकर लगभग 33,140 अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया। परीक्षा शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे।
प्रयागराज से हो रही थी सीधी निगरानी
परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के प्रयागराज स्थित कंट्रोल रूम से लगातार नजर रखी गई। आयोग के अधिकारी तकनीकी माध्यमों से सभी केंद्रों की मॉनिटरिंग करते रहे, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता होने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आयोग की ओर से पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। इसके अलावा अनुभवी प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को भी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक जिले में एक पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है, जो परीक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
उत्तर पुस्तिका भरने में बरतनी होगी सावधानी
परीक्षार्थियों को निर्देश दिए गए कि उत्तर पत्रक में किसी भी प्रकार की गलती सुधारने के लिए व्हाइटनर, ब्लेड, रबर अथवा अन्य किसी साधन का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि उत्तर पत्रक में गोले सही तरीके से नहीं भरे गए या आवश्यक जानकारी गलत दर्ज की गई, तो संबंधित उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।
परीक्षा समाप्ति के बाद मिलेगी प्रश्न पुस्तिका
परीक्षा पूरी होने के बाद अभ्यर्थियों को उनकी कॉपी की प्रति तथा प्रश्न पुस्तिका अपने साथ ले जाने की अनुमति दी जाएगी। वहीं परीक्षा के अंतिम 30 मिनट के दौरान किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा कक्ष छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
केवल काले बॉल प्वाइंट पेन का उपयोग
आयोग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा के दौरान केवल काले रंग के बॉल प्वाइंट पेन का ही प्रयोग किया जाएगा। अन्य किसी प्रकार की स्याही या पेन का उपयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रतिबंधित वस्तुओं पर सख्ती
परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, टैबलेट, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, डेटा कार्ड, कैलकुलेटर, एटीएम कार्ड, धातु से बने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा अन्य किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक सामग्री ले जाने पर पूरी तरह रोक रही। सुरक्षा जांच के दौरान प्रतिबंधित वस्तुएं मिलने पर उन्हें केंद्र के बाहर ही जमा कराया गया।
तीन दिनों तक चलेगी परीक्षा
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन 2 जुलाई से शुरू हुआ है और यह तीन दिनों तक चलेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सभी पालियों में पंजीकृत अभ्यर्थियों की परीक्षा अलग-अलग केंद्रों पर कराई जा रही है। प्रशासन का दावा है कि परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
