वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी जनपद के सिंधोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत मझवा गांव में गुरुवार रात करीब 9:15 बजे 100 फिट जमीन के लिए 2 सगे भाइयों ने अपने चचेरे भाई की हत्या कर दी गई। आरोपी ने 22 वर्षीय सौरभ सिंह उर्फ बंटी की कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मारी। गोली लगते ही सौरभ लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। उसका सिर फट गया और मांस बाहर सड़क पर बिखर गया। फिर आरोपी ने उसके ऊपर खड़े होकर हवा में पिस्टल लहराई। उसने कहा कि जिसने भी जमीन की तरफ आंख उठा कर देखा। उसे गोलियों से छलनी कर दिया जाएगा। कहा कि दबदबा था और रहेगा। इसके बाद वह अपने भाइयों के साथ मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद गांव में भय और तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की छानबीन तेज कर दी है, और आरोपितों की तलाश शुरू कर दी।
मृतक की पहचान सौरभ सिंह (22) पुत्र लालू सिंह के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार सौरभ का अपने पट्टीदारों से लंबे समय से विवाद चल रहा था। करीब पखवाड़े भर पहले सौरभ का रिशु के माता-पिता से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था।
मृतक के पिता मझवां गांव निवासी सर्वेश सिंह ने बताया कि मैं किसान हूं। मेरे पास करीब 2 बिस्वा जमीन है। मेरे घर के सामने करीब 100 फीट जमीन है। इसको लेकर मेरे बड़े भाई देवी प्रसाद सिंह से विवाद चल रहा था। वह आए दिन जमीन पर कब्जा करने को लेकर झगड़ा करते थे। इसको लेकर करीब 4 से 5 बार पंचायत भी हो चुकी थी। हर बार पंचायत ने मेरे पक्ष में फैसला सुनाया था।
गुरुवार रात करीब 9:15 बजे मेरा बेटा सौरभ अपने घर के सामने खड़ा था। तभी देवी प्रसाद सिंह के बेटे बबलू और रिशु पहुंच गए। उनके साथ परिवार का एक लड़का प्रशांत भी था। आरोपियों ने मेरे बेटे से झगड़ा शुरू कर दिया। कहा कि वह जमीन मेरी है। इसे हम लेकर रहेंगे। बबलू बोला कि मैं पंचायत के फैसले को नहीं मानता। अगर तुम लोगों ने जमीन नहीं छोड़ी तो अंजाम बुरा होगा। जब मेरे बेटे ने इनकार किया तो रिशु और प्रशांत ने उस पर लाठी-डंडे से हमला कर दिया।
मेरा बेटा बचने के लिए भागने लगा। तभी घर से करीब 100 मीटर दूर बबूल सिंह ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। बबलू ने मेरे बेटे की कनपटी पर सटाकर गोली मार दी। गोली आरपार हो गई। गोली लगते ही मेरा बेटा लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।
उसके सिर का मांस बाहर निकल आया। गोली चलने की आवाज सुनकर मैं घर से बाहर निकला। मैंने देखा कि मेरा बेटा खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था। बबलू सिंह के दोनों पैरों के बीच में मेरा बेटा पड़ा था। उसके ऊपर बबलू हाथ में पिस्टल लेकर खड़ा था। उसने मुझे देखते ही कहा कि जमीन की तरफ जो भी देखेगा उसका यही हाल होगा। जमीन पर कब्जा करने वालों को गोलियों से भून दिया जाएगा।

मेरा कल भी दबदबा था और आगे भी रहेगा। गांव के लोग मौके पर पहुंचे तो तीनों आरोपी फरार हो गए। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में उसे उपचार के लिए सिंधोरा के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही सिंधोरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद आरोपित मौके से फरार हो गए।

आरोपी रिशु और बबलू
एडीसीपी गोमती जोन नृपेंद्र ने बताया कि सौरभ सिंह पुत्र सर्वेश सिंह का द्वितीय पक्ष प्रशांत सिंह एवं रिशु सिंह, बबलू सिंह पुत्रगण देवी प्रसाद सिंह, जो आपस में पट्टीदार हैं से मध्य जमीनी विवाद को लेकर वाद-विवाद हो गया। विवाद के दौरान द्वितीय पक्ष द्वारा सौरभ सिंह को गोली मार दी गई। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तहरीर और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
