वाराणसी (रणभेरी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की टिप्पणी के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। शुक्रवार को वाराणसी में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की और पुतला दहन किया।
दशाश्वमेध थाना क्षेत्र स्थित चितरंजन पार्क के समीप भाजपा के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मंडल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन आयोजित किया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणी न केवल अमर्यादित है बल्कि देश के सर्वोच्च लोकतांत्रिक पद का भी अपमान है।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का पुतला दहन करते हुए जमकर विरोध जताया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष सोम नाथ यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के विकास के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं, लेकिन विपक्ष जनता का ध्यान भटकाने के लिए अनर्गल बयानबाजी कर रहा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता ऐसी भाषा और राजनीति को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेंगे। यदि कांग्रेस नेताओं ने सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन में विजय द्विवेदी, पार्षद राम गोपाल वर्मा, पार्षद चंद्रनाथ मुखर्जी, तन्ना साहनी, मनोज मिश्रा, हरी केशरी, रीना पात्रो सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अस्सी चौराहे पर भी हुआ विरोध प्रदर्शन
उधर, अस्सी चौराहे पर भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया। यहां कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और अजय राय का पुतला फूंका और कांग्रेस विरोधी नारे लगाए।
भाजपा नेता विक्रम चौधरी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं की भाषा राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनके खिलाफ इस तरह की टिप्पणी पूरे देश का अपमान है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि राहुल गांधी और अजय राय सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं तो भाजपा कार्यकर्ता सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करेंगे।

महोबा में दिए गए बयान के बाद बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि महोबा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कई आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार देश की महत्वपूर्ण संस्थाओं को बेचने का कार्य कर रही है और नई संस्थाएं स्थापित करने के बजाय पुराने संस्थानों के नाम बदले जा रहे हैं।
अपने संबोधन में अजय राय ने सरदार पटेल स्टेडियम का उदाहरण देते हुए कहा कि उसका नाम बदलकर प्रधानमंत्री के नाम पर रखा गया। इसी बयान के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई और प्रदेश के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। फिलहाल इस मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति गर्म हो चुकी है और भाजपा-कांग्रेस के बीच बयानबाजी का दौर लगातार जारी है।
