- बेरोजगारी व शिक्षा नीति पर सरकार की हुई कड़ी आलोचना
- राष्ट्रीय अधिवेशन में पूर्वांचल राज्य की मांग उठी
- ईश्वरदयाल सिंंह सेठ भारतीय सबका दल के पुन: अध्यक्ष बने
वाराणसी (रणभेरी): भारतीय सबका दल एवं भारत बचाओं मोर्चा की ओर से पराड़कर स्मृति भवन के गर्दे सभागार में राष्ट्रीय अधिवेशन सकुशल सम्पन्न हुआ। अधिवेशन की अध्यक्षता स्वर्णकार भारतीय सेवा संस्थान के चेयरमैन रवि सराफ ने की। मुख्य अतिथि कृष्ण नारायण सोनी थे। अधिवेशन में पूर्वांचल राज्य की मांग उठी।
ईश्वर दयाल सिंह सेठ भारतीय सबका दल के पुन: अध्यक्ष बनाये गये। संचालन संयोजक कैलाश सिंह विकास ने किया। इस मौके पर कई राजनैतिक दल के अध्यक्ष मौजूद थे। वक्ताओं ने पृथक पूर्वांचल राज्य बनाये जाने की मांग की। इसके साथ ही राजधानी वाराणसी बनाये जाने की मांग की गई। कहा कि त•ाी विकास संभव है। साथ ही देश के हर व्यक्ति को प्रतिमाह 2000/ रुपया वोटरशिप पर वोटर पेंशन भत्ता देने की मांग उठायी गई अधिवेशन में घटक दल भारतीय सबका दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष पुन: ईश्वरदयाल सिंह सेठ को आम सहमति से चुना गया।
अधिवेशन में विश्वकर्मा पंच शिल्पी आयोग का गठन करने की मांग उठी। साथ ही महान संत नरहरी दास की गेट व मूर्ति स्थापना की मांग की गई। अधिवेशन में सभी ने किसानों, व्यापारियों महिलाओं, सरकारी संस्थानों का निजीकरण व शिक्षित नौजवानों को बेरोजगारी सत्ता तथा दोहरी शिक्षा नीति की आलोचना करते हए केन्द्र व प्रदेश सरकार की नीतियों पर दोहरे चरित्र का होने का आरोप लगाया।
भारत बचाओं मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक आरएस मानव ने कहा कि आज विषेष रुप से नौजवानों, व्यापारी, महिलाएं, किसान, कामगार त्रस्त हैं। जनता इनको सबक सिखायेगी। समता समाजवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद गांधी ने सरकार दरा प्रस्तुत बजट को किसान व मजदूर तथा जनविरोधी बताया। कहा कि सरकार ने अधिवक्ता हित में कोई भी अपनी नीति बजट में स्पष्ट नहीं किया जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
अधिवेशन में व्यापार नीति, शिक्षा नीति, स्वास्थ्य नीति, महिला हिंंसा तथा प्रदेश व केन्द्र सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना की गई। इस मौके पर स्वर्णकार समाज के सम्मानित लोगों के अलावा महिलाओं को अंगवस्त्रम व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। अधिवेशन में प्रमुख रूप से नंदा सिंह चौहान, बीएल सोनकर, ई. सुशील कुमार रत्नाकर, अजय कुमार विश्वकर्मा, चन्द्रपाल सिंह वाल्मिकी, मिठाई लाला प्रजापति, अजय वर्मा, केके यादव, सरिता सराफ, दयाशंकर सेठ, विष्णु दयाल सेठ, कमल कुमार सिंह, किशोर कुमार सेठ, मुरली मनोहर सिंह, सागर दास, उमाशंकर सिंह, ध्रुव सराफ समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
