वाराणसी (रणभेरी): शहर में पाइपलाइन गैस (पीएनजी) व्यवस्था के विस्तार के साथ ही प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिन घरों तक पीएनजी की सप्लाई शुरू हो चुकी है, वहां अब एलपीजी कनेक्शन रखना नियमों के खिलाफ माना जाएगा। इस संबंध में अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए प्रभावित उपभोक्ताओं को तीन महीने के भीतर अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने को कहा है।
गैस आपूर्ति से जुड़े अधिकारियों के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा लागू संशोधित नियमों के तहत एक ही आवास में दो अलग-अलग गैस कनेक्शन रखना अवैध है। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं को पाइपलाइन गैस की सुविधा मिल चुकी है, उनके लिए एलपीजी कनेक्शन बनाए रखना संभव नहीं होगा।
गेल (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) के अधिकारियों ने बताया कि जिले में तेजी से पीएनजी नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में 80 हजार से अधिक घरों में पाइपलाइन गैस पहुंच चुकी है। बीते महीने ही हजारों नए कनेक्शन जारी किए गए, जिससे कई इलाकों में रसोई गैस की समस्या में कमी आई है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी आपूर्ति चालू हो चुकी है, वहां के उपभोक्ता अब गैस एजेंसियों से एलपीजी सिलिंडर की रिफिलिंग नहीं करा सकेंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
डीएलडब्ल्यू, बीएचयू के आसपास के इलाके, सुंदरपुर, चांदपुर, चितईपुर, पांडेयपुर, शिवपुर और सारनाथ जैसे क्षेत्रों में पीएनजी नेटवर्क तेजी से फैलाया गया है। संबंधित गैस एजेंसियों को उपभोक्ताओं के डेटा का मिलान कर नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से गैस आपूर्ति प्रणाली अधिक सुव्यवस्थित होगी और एलपीजी सिलिंडरों की उपलब्धता में भी सुधार देखने को मिलेगा।
