स्थानीय लोगों का आरोप- दालमंडी प्रोजेक्ट के बीच सीवर, पेयजल और जलभराव की समस्या बरकरार; प्रस्तावित कॉरिडोर को लेकर भी उठाए सवाल
वाराणसी (रणभेरी) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर गुरुवार को वाराणसी की दालमंडी में विरोध का अलग अंदाज देखने को मिला। स्थानीय कारोबारियों और निवासियों ने काले कपड़े पहनकर, काली पगड़ी और गमछा बांधकर तथा काले गुब्बारे लगाकर अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने ‘हैप्पी बर्थडे मोदी’ कहते हुए ब्लैक चॉकलेट केक काटा और दालमंडी चौड़ीकरण तथा प्रस्तावित कॉरिडोर से जुड़ी समस्याओं को लेकर सवाल उठाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दालमंडी में प्रस्तावित विकास परियोजना को लेकर लंबे समय से असमंजस और परेशानी की स्थिति बनी हुई है। कारोबारियों के मुताबिक परियोजना की चर्चा के बीच व्यापार प्रभावित हुआ है। वहीं, इलाके में सीवर, पेयजल, जलभराव और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें भी सामने आती रही हैं।
प्रदर्शन में शामिल दालमंडी निवासी आदिल खान ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को लंबे समय से उठाया जा रहा है। उनके अनुसार, परियोजना का भूमि पूजन होने के बावजूद अपेक्षित स्तर पर काम आगे नहीं बढ़ा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग विकास के विरोध में नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर यदि रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है तो उनकी समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
दो केक के जरिए दिया गया संदेश
आदिल खान की ओर से दो केक मंगाए गए थे। इनमें से एक पर ‘मोदी’ और दूसरे पर ‘हिंदू-मुस्लिम’ लिखा गया था। आदिल के मुताबिक, बेरोजगारी, रोजगार और दूसरे जनहित के सवालों पर बहस कई बार दूसरे मुद्दों की तरफ चली जाती है। इसी बात को प्रतीकात्मक रूप से सामने रखने के लिए दूसरे केक पर ‘हिंदू-मुस्लिम’ शब्द लिखा गया।
उन्होंने कहा कि इलाके के लोग बुनियादी सुविधाओं को लेकर परेशान हैं। बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बढ़ जाती है और सीवर व्यवस्था को लेकर भी शिकायतें हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ घरों में गंदा, बालूयुक्त पानी पहुंच रहा है और पानी में कीड़े मिलने की शिकायत भी सामने आई है।

प्रदर्शनकारियों ने इसी नाराजगी को दिखाने के लिए काले कपड़े, काली पगड़ी, काला गमछा और काले गुब्बारों का इस्तेमाल किया। इसके बाद ब्लैक केक काटकर विरोध दर्ज कराया गया।
76 सीवर और गड्ढों का भी किया जिक्र
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने प्रधानमंत्री के 76वें जन्मदिन को इलाके की समस्याओं से जोड़ते हुए दालमंडी में 76 सीवर और गड्ढों का प्रतीकात्मक उल्लेख किया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि सड़क और गड्ढों की स्थिति के कारण स्थानीय लोगों को लगातार परेशानी होती है और आए दिन किसी न किसी के गिरने की घटनाएं होती रहती हैं।
आदिल खान ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर देश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन दालमंडी के लोगों के सामने अलग तरह की स्थिति है। उनका कहना है कि जिस परियोजना को क्षेत्र के विकास से जोड़ा गया था, उसी को लेकर स्थानीय लोग लंबे समय से परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सीवर, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था जैसी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। साथ ही उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रियता पर भी सवाल उठाए। आदिल का दावा है कि संबंधित जनप्रतिनिधि लंबे अंतराल के बाद क्षेत्र में आए और भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए, लेकिन इसके बाद स्थानीय समस्याओं को लेकर अपेक्षित पहल नहीं दिखाई दी।
‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ की स्थिति पर उठाए सवाल
स्थानीय लोगों ने दालमंडी परियोजना को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उनका कहना है कि यदि यह क्षेत्र के विकास की महत्वपूर्ण परियोजना है तो इसके काम की प्रगति, समयसीमा और इससे प्रभावित होने वाले कारोबारियों व निवासियों की समस्याओं को लेकर स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विकास परियोजनाओं के साथ स्थानीय लोगों की बुनियादी जरूरतों को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने दालमंडी में सीवर, पेयजल, जल निकासी और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की।
सीवर के गंदे पानी में जलाए दीये
प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर वाराणसी में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी विरोध का कार्यक्रम आयोजित किया। पार्टी की ओर से ‘दीया जलाओ’ अभियान के तहत जलभराव और सीवर के गंदे पानी के बीच दीपक जलाकर विरोध दर्ज कराया गया।
महानगर अध्यक्ष अमन यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कंदवा के मुख्य मार्ग पर जमा सीवर के पानी के बीच दीप जलाए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि सड़क पर लंबे समय से गंदा पानी जमा होने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जलभराव और गंदगी की वजह से आसपास रहने वाले लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चितईपुर-कंदवा क्षेत्र में सीवर और जल निकासी की समस्या को लेकर पहले भी स्थानीय स्तर पर विरोध की आवाज उठ चुकी है।

कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर जल निकासी की व्यवस्था और सीवर समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। उनका कहना था कि केवल अस्थायी सफाई या पानी निकालने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि इसके स्थायी समाधान के लिए संबंधित विभागों को ठोस कदम उठाने चाहिए।
दालमंडी और कंदवा में हुए इन विरोध प्रदर्शनों में स्थानीय समस्याएं केंद्र में रहीं। एक ओर दालमंडी के लोगों ने विकास परियोजना के साथ बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की, वहीं कंदवा में सीवर और जलभराव के मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया गया।
