वाराणसी एयरपोर्ट से खुलेंगे दुनिया के नए रास्ते, अगले साल सिंगापुर, मालदीव और बाली के लिए शुरू हो सकती हैं सीधी उड़ानें

वाराणसी एयरपोर्ट से खुलेंगे दुनिया के नए रास्ते, अगले साल सिंगापुर, मालदीव और बाली के लिए शुरू हो सकती हैं सीधी उड़ानें

वाराणसी (रणभेरी): पूर्वांचल के सबसे महत्वपूर्ण हवाई केंद्रों में शामिल लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय संपर्क के नए आयाम स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। एयरपोर्ट के विस्तार कार्य के साथ-साथ कई नए देशों के लिए सीधी उड़ान सेवाएं शुरू करने की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। यदि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय पर पूरी हो जाती हैं तो अगले वर्ष से वाराणसी का सीधा हवाई संपर्क सिंगापुर, मालदीव, बाली समेत कई खाड़ी देशों से स्थापित हो सकता है।

वर्तमान समय में वाराणसी एयरपोर्ट से सीमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन किया जा रहा है। यात्रियों को बैंकॉक, शारजाह और नेपाल के लिए सीधी विमान सेवा उपलब्ध है। हालांकि लगातार बढ़ती यात्री संख्या और धार्मिक पर्यटन के विस्तार को देखते हुए एयरपोर्ट प्रशासन नए अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों को जोड़ने की योजना पर गंभीरता से कार्य कर रहा है।

एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, वाराणसी से नई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की मांग लगातार बढ़ रही है। यात्रियों, पर्यटन उद्योग से जुड़े व्यवसायियों तथा व्यापारिक संगठनों की ओर से भी नए रूट शुरू करने की मांग की जा रही है। फिलहाल एयरपोर्ट परिसर में विस्तार और आधुनिकीकरण का कार्य जारी है, जिसके कारण अतिरिक्त उड़ानों का संचालन तत्काल संभव नहीं हो पा रहा है। लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद नई उड़ानों के संचालन का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, एयरपोर्ट प्राधिकरण ने संभावित अंतरराष्ट्रीय सेवाओं के लिए आवश्यक पत्राचार और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। विभिन्न एयरलाइंस कंपनियों के साथ भी संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है। यदि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाती हैं तो वर्ष 2027 की शुरुआत से नई अंतरराष्ट्रीय सेवाओं का लाभ यात्रियों को मिलने लग सकता है।

धार्मिक नगरी वाराणसी देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। काशी विश्वनाथ धाम के विकास के बाद यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। ऐसे में सीधे अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क से पर्यटन उद्योग को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। होटल व्यवसाय, ट्रैवल एजेंसियां, हस्तशिल्प उद्योग और स्थानीय व्यापार को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

एयरपोर्ट से संचालित मौजूदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के माध्यम से हर महीने हजारों यात्री सफर करते हैं। नई सेवाएं शुरू होने के बाद यह संख्या और अधिक बढ़ सकती है। विशेष रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया और खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों तथा पर्यटकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

एयरपोर्ट विस्तार परियोजना पूरी होने के बाद केवल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि घरेलू विमान सेवाओं का भी विस्तार किया जाएगा। देश के प्रमुख महानगरों के लिए पहले से संचालित उड़ानों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है ताकि यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और अधिक विकल्प उपलब्ध हो सकें।

इसके अतिरिक्त पर्यटन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों और लोकप्रिय हिल स्टेशनों के लिए भी नई विमान सेवाएं शुरू करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। इससे पूर्वांचल के लाखों यात्रियों को यात्रा में सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति प्राप्त होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि वाराणसी एयरपोर्ट का विस्तार और नई उड़ानों की शुरुआत पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी। इससे धार्मिक पर्यटन, व्यापार, निवेश और अंतरराष्ट्रीय संपर्क को नया विस्तार मिलेगा तथा वाराणसी की पहचान वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत होगी।

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