वाराणसी (रणभेरी): धार्मिक और पर्यटन नगरी वाराणसी में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में नगर निगम ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम शुरू कर दिया है। शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर बढ़ती श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या को देखते हुए यातायात, पार्किंग और मूलभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में मणिकर्णिका महाश्मशान घाट के निकट दोपहिया वाहनों के लिए एक नई पार्किंग सुविधा विकसित करने की योजना तैयार की गई है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, मणिकर्णिका घाट पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में अंतिम संस्कार के लिए लोग पहुंचते हैं। इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय बाजार और श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। इस समस्या को कम करने के उद्देश्य से घाट के समीप आधुनिक दोपहिया पार्किंग का निर्माण कराया जाएगा। प्रस्तावित परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 48.88 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि वाराणसी देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में नगर निगम का प्रयास है कि प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर आवश्यक सुविधाओं को और मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि शहर में पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन लंबे समय से चुनौती बने हुए हैं, इसलिए विभिन्न स्थानों पर योजनाबद्ध तरीके से पार्किंग सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

पिशाचमोचन कुंड पर श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधा
नगर निगम ने धार्मिक महत्व वाले पिशाचमोचन कुंड क्षेत्र के विकास की भी योजना बनाई है। हर वर्ष पितृपक्ष के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पूर्वजों के तर्पण और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहुंचते हैं। भीड़ बढ़ने के कारण पेयजल, शौचालय और ठहरने जैसी सुविधाओं पर दबाव बढ़ जाता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए लगभग 2.34 करोड़ रुपये की लागत से यहां आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। प्रस्तावित कार्यों में श्रद्धालुओं के लिए विश्राम व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और आधुनिक शौचालयों का निर्माण शामिल है। परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली गई है और जल्द ही आगे की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
सारनाथ में प्रस्तावित हाईटेक पार्किंग
वाराणसी के प्रमुख पर्यटन केंद्र सारनाथ में भी पार्किंग की समस्या को दूर करने की तैयारी की जा रही है। नगर निगम यहां अत्याधुनिक स्वचालित पार्किंग प्रणाली विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस सुविधा के शुरू होने से सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और क्षेत्र की सुंदरता तथा यातायात व्यवस्था दोनों में सुधार आएगा।
नगर निगम के अनुसार, परियोजना के लिए बजट निर्धारण की प्रक्रिया जारी है। लागत का अंतिम आकलन पूरा होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
शहर के प्रमुख चौराहों का बदलेगा स्वरूप
शहर को अधिक आकर्षक और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से नगर निगम विभिन्न प्रमुख चौराहों और तिराहों का सुंदरीकरण भी कर रहा है। इस अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण स्थानों पर सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुधार कार्य शुरू किए गए हैं।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में कचहरी, पुलिस लाइन, सुंदरपुर और भिखारीपुर चौराहों का कायाकल्प किया जा चुका है। इन कार्यों पर लगभग 3.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं मिंट हाउस और नदेसर तिराहे पर भी सुंदरीकरण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। आगामी चरणों में शहर के कुल 15 प्रमुख चौराहों और तिराहों को नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा।

धार्मिक पर्यटन और शहरी विकास को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद वाराणसी में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही पार्किंग, यातायात प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था में सुधार होने से शहर की समग्र छवि भी मजबूत होगी। नगर निगम का लक्ष्य धार्मिक आस्था, पर्यटन और आधुनिक शहरी सुविधाओं के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करना है, जिससे काशी की पहचान और अधिक सशक्त हो सके।
