वाराणसी (रणभेरी): दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत सोमवार को लंगड़ा हाफिज मस्जिद परिसर में सड़क विस्तार की सीमा में आने वाले हिस्से को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। प्रशासन और मस्जिद प्रबंधन समिति के बीच कई दौर की बातचीत के बाद आपसी सहमति बनने पर समिति ने स्वयं प्रभावित निर्माण को हटाने का निर्णय लिया। इसके बाद मजदूरों की मदद से ध्वस्तीकरण का कार्य प्रारंभ कराया गया।
जानकारी के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद परिसर के जिस हिस्से को चिन्हित किया गया था, उसे लेकर प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच लंबे समय से संवाद चल रहा था। सहमति बनने के बाद समिति ने प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं निर्माण हटाने की पहल की, जिससे परियोजना का कार्य बिना किसी विवाद के आगे बढ़ सके।
24 दुकानों के लिए तैयार हो रही नई व्यवस्था
मस्जिद परिसर से प्रभावित होने वाली 24 दुकानों को पहले ही खाली करा दिया गया है। मस्जिद कमेटी ने परिसर के पूर्वी हिस्से में उपलब्ध भूमि पर नई दुकानों के निर्माण का काम भी शुरू करा दिया है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि जैसे ही नई दुकानें पूरी तरह तैयार हो जाएंगी, प्रभावित दुकानदारों को वहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इससे व्यापारियों के कारोबार पर पड़ने वाले प्रभाव को काफी हद तक कम करने की कोशिश की जा रही है।
पहले भी कई दौर की हुई थी बातचीत
सड़क चौड़ीकरण की योजना के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने सर्वेक्षण कर मस्जिद के उत्तरी हिस्से को परियोजना की जद में आने वाला क्षेत्र चिन्हित किया था। संबंधित हिस्से पर निशान लगाए जाने के बाद प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच कई चरणों में वार्ता हुई। अंततः दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने पर प्रभावित निर्माण को स्वेच्छा से हटाने का निर्णय लिया गया।
पहले भी कई धार्मिक स्थलों ने किया सहयोग
दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना में यह पहला अवसर नहीं है, जब किसी धार्मिक स्थल की प्रबंधन समिति ने स्वेच्छा से प्रभावित निर्माण हटाया हो। इससे पहले करीमुल्ला बेग मस्जिद, निसारन मस्जिद, अली रजा खान मस्जिद, संगमरमर मस्जिद और रंगीले शाह मस्जिद की प्रबंधन समितियां भी परियोजना के दायरे में आए हिस्सों को स्वयं हटाकर बाद में आवश्यक मरम्मत एवं पुनर्निर्माण का कार्य करा चुकी हैं।
आपसी सहमति से आगे बढ़ रहा विकास कार्य
प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण परियोजना के दौरान प्रभावित धार्मिक स्थलों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों के साथ लगातार संवाद स्थापित किया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि विकास कार्य निर्धारित समय में पूरा हो, लोगों की आजीविका पर न्यूनतम असर पड़े और किसी भी प्रकार का विवाद या तनाव उत्पन्न न होने पाए। प्रशासन का दावा है कि अधिकांश मामलों में आपसी सहमति और सहयोग के आधार पर ही परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।
दालमंडी क्षेत्र वाराणसी के सबसे व्यस्त और घनी आबादी वाले इलाकों में गिना जाता है। लंबे समय से यहां संकरी सड़कों और बढ़ते यातायात के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता रहा है। सड़क चौड़ीकरण परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में आवागमन सुगम होने, जाम की समस्या कम होने और स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को भी बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
