वाराणसी में बिजली संकट गहराया: सामनेघाट में 12 घंटे ब्लैकआउट, अंधेरे में हुई अस्सी घाट की गंगा आरती

वाराणसी में बिजली संकट गहराया: सामनेघाट में 12 घंटे ब्लैकआउट, अंधेरे में हुई अस्सी घाट की गंगा आरती

वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था पूरी तरह दबाव में आ गई है। पिछले कई दिनों से ट्रांसफॉर्मरों पर अत्यधिक लोड पड़ने, तार टूटने और फॉल्ट की घटनाओं ने शहर और ग्रामीण इलाकों की आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि कई मोहल्लों में घंटों तक बिजली गुल रहने से लोगों को रातें जागकर बितानी पड़ रही हैं।

शहर के कई हिस्सों में बुधवार रात से लेकर गुरुवार दोपहर तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। सामनेघाट क्षेत्र की कई कॉलोनियों में करीब 12 घंटे तक बिजली नहीं आने से लोग परेशान रहे। वहीं चौबेपुर इलाके में फ्यूज खराब होने के बाद लगभग एक दिन तक आपूर्ति ठप रही।

अस्सी घाट की आरती भी अंधेरे में

बिजली संकट का असर धार्मिक गतिविधियों पर भी देखने को मिला। अस्सी घाट क्षेत्र में शाम के समय अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिसके चलते गंगा आरती अंधेरे में करनी पड़ी। श्रद्धालुओं ने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर आरती देखी। करीब तीन घंटे तक क्षेत्र में बिजली नहीं रही, जिससे स्थानीय दुकानदारों और पर्यटकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

ट्रिपिंग और लो वोल्टेज से बढ़ी परेशानी

गर्मी बढ़ने के साथ ही एसी, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों का उपयोग तेजी से बढ़ा है। इसका असर शहर के बिजली नेटवर्क पर साफ दिखाई दे रहा है। रामनगर, महमूरगंज, शिवपुर, चौकाघाट, डाफी समेत कई इलाकों में लगातार ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है।

कई मोहल्लों में हर आधे घंटे पर बिजली कटने की शिकायतें सामने आ रही हैं। शिवाजीनगर और महमूरगंज क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से स्थिति बेहद खराब है। रात में बार-बार बिजली जाने से लोगों की नींद तक प्रभावित हो रही है।

सामनेघाट और नगवां में रातभर अंधेरा

सामनेघाट के महेशनगर, नगवां और रविदास पार्क इलाके में बुधवार आधी रात के बाद बिजली चली गई। स्थानीय लोगों ने उपकेंद्र पर कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन रातभर आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। गुरुवार दोपहर के बाद जाकर बिजली आई। इस दौरान कुछ मिनटों के लिए सप्लाई शुरू हुई, लेकिन तुरंत फिर कट गई।

चौबेपुर में लोगों का प्रदर्शन

चौबेपुर स्टेशन रोड क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। फ्यूज उड़ने के बाद लंबे समय तक मरम्मत नहीं होने से परेशान लोग सड़कों पर उतर आए। स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।

कैंट, शिवपुर और खोजवा में भी संकट

कैंट स्टेशन के आसपास के इलाकों में भी लगातार बिजली की आवाजाही बनी हुई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि तीन दिनों से लगातार शिकायत की जा रही है, लेकिन हालात में सुधार नहीं हुआ।

शिवपुर के इंद्रपुर-कोइलहवा फीडर पर अत्यधिक ट्रिपिंग दर्ज की जा रही है। वहीं नरिया, सरायनंदन और खोजवा क्षेत्रों में भी बार-बार फॉल्ट होने से आपूर्ति प्रभावित हो रही है। बिजली कर्मचारी मरम्मत कर रहे हैं, लेकिन समस्या दोबारा खड़ी हो जा रही है। चेतगंज क्षेत्र में भी ट्रांसफॉर्मर खराब होने और मरम्मत में देरी के कारण लोग लंबे समय से परेशान हैं। कई बार ट्रांसफॉर्मर बदलने के बाद भी आपूर्ति सामान्य नहीं हो पा रही।

रात में दोगुना बढ़ रहा ट्रांसफॉर्मरों पर दबाव

बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार दिन के मुकाबले रात में बिजली की मांग अचानक बढ़ जाती है। शाम होते ही घरों और प्रतिष्ठानों में बड़ी संख्या में एसी, कूलर और अन्य उपकरण चालू होने से ट्रांसफॉर्मरों पर दबाव कई गुना बढ़ रहा है।

बताया जा रहा है कि जिन इलाकों में 400 केवीए क्षमता के ट्रांसफॉर्मर लगे हैं, वहां दिन में 200 से 250 केवीए तक ही लोड रहता है, लेकिन रात में यही लोड 450 से 500 केवीए तक पहुंच जा रहा है। इसी वजह से ट्रांसफॉर्मर गर्म होकर ट्रिप कर रहे हैं और तार जलने की घटनाएं बढ़ रही हैं।

20 मई को जिले में बिजली की मांग 900 मेगावाट से अधिक पहुंचने के बाद बिजली व्यवस्था पर दबाव और बढ़ गया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बढ़ती गर्मी के कारण घरों, होटलों, दुकानों और दफ्तरों में बिजली उपकरणों का इस्तेमाल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है।

अस्पतालों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर

बिजली संकट के बीच सरकारी अस्पतालों में आपूर्ति को लेकर विशेष निगरानी रखी जा रही है। जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल और रामनगर क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में अलग ट्रांसफॉर्मर होने के कारण बड़ी कटौती की समस्या नहीं है। हालांकि यहां भी हल्की ट्रिपिंग की शिकायतें सामने आ रही हैं। अस्पताल प्रशासन और बिजली विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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