वाराणसी (रणभेरी) : शहर में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए एक स्थायी आश्रय स्थल की मांग ने जोर पकड़ लिया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और किन्नर समुदाय के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर वाराणसी में किन्नर आश्रम स्थापित करने की मांग की है। प्रतिनिधियों ने प्रशासन से इस उद्देश्य के लिए भूमि या उपयुक्त भवन उपलब्ध कराने की अपील की है।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यदि आगामी 15 दिनों के भीतर प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई, तो समुदाय की ओर से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।

समाजसेवियों का कहना है कि काशी जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर में देश-विदेश से श्रद्धालुओं के साथ-साथ ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में आते हैं। इसके बावजूद जिले में उनके लिए कोई स्थायी आश्रय, पुनर्वास केंद्र या सुरक्षित निवास सुविधा उपलब्ध नहीं है।
प्रतिनिधियों ने बताया कि किन्नर समुदाय के कई लोग आज भी सामाजिक बहिष्कार, पारिवारिक दूरी और भेदभाव जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। शिक्षा और रोजगार के सीमित अवसरों के चलते कई सदस्य आर्थिक रूप से भी कमजोर स्थिति में हैं। ऐसे में वृद्ध, बीमार और बेसहारा लोगों के लिए सुरक्षित आवास की कमी गंभीर समस्या बनी हुई है, जिससे उन्हें रेलवे स्टेशन, सार्वजनिक स्थानों या अस्थायी ठिकानों पर जीवन बिताने को मजबूर होना पड़ता है।

ज्ञापन में प्रशासन से आग्रह किया गया है कि जनहित और मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए किन्नर आश्रम की स्थापना की दिशा में जल्द से जल्द कार्रवाई शुरू की जाए।
इस अवसर पर सलमा किन्नर समेत कई अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा, ताकि समुदाय को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन मिल सके।
