फूल-मालाओं के बढ़े दाम, भाव सुनकर लौट रहे ग्राहक; त्योहार पर और महंगाई की आशंका

फूल-मालाओं के बढ़े दाम, भाव सुनकर लौट रहे ग्राहक; त्योहार पर और महंगाई की आशंका

धनतेरस और दीपावली से पहले फूलों की आवक घटी, गेंदे की बड़ी माला 5000 रुपये सैकड़ा; गुलदावदी की माला 7000 रुपये तक पहुंची

वाराणसी (रणभेरी): धनतेरस और दीपावली से ठीक पहले आंधी-बारिश ने फूल किसानों और कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले चार दिनों से लगातार खराब मौसम के कारण खेतों में तैयार फूलों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। इसका सीधा असर मलदहिया स्थित फूल एवं माला मंडी में देखने को मिल रहा है। फसल खराब होने से मंडी में फूलों की आवक घट गई है, जबकि त्योहारों के चलते मांग बढ़ने से कीमतें आसमान छूने लगी हैं। महंगे फूलों के कारण इस बार दीपावली पर घरों की सजावट और पूजा के लिए लोगों को अधिक जेब ढीली करनी पड़ रही है।

किसानों के मुताबिक, बारिश के चलते कई खेतों में गेंदे की फसल सड़ गई है। जो फूल खराब मौसम से बच गए हैं, वही मंडी तक पहुंच पा रहे हैं। मांग के मुकाबले आपूर्ति कम होने से थोक भाव में लगातार तेजी आ रही है। इसका असर फुटकर बाजार पर भी पड़ रहा है। थोक में महंगे फूल मिलने के कारण विक्रेताओं को ऊंचे दाम पर बिक्री करनी पड़ रही है। ग्राहक कीमत सुनकर कम मात्रा में फूल खरीद रहे हैं या बिना खरीदे ही लौट जा रहे हैं।

फूल-मालाओं के बढ़े दाम, भाव सुनकर लौट रहे ग्राहक; त्योहार पर और महंगाई की आशंका

त्योहार नजदीक, कीमतें और बढ़ने की आशंका

धनतेरस, नरक चतुर्दशी और दीपावली पर फूल-मालाओं की मांग सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में आने वाले दिनों में कीमतों में और उछाल आने की आशंका जताई जा रही है। गुरुवार को सुबह से ही मलदहिया फूल मंडी में खरीदारों की भीड़ लगी रही, लेकिन महंगाई के चलते ज्यादातर लोग जरूरत के मुताबिक ही फूल खरीदते नजर आए।

किसान फूल मंडी के संचालक विशाल दुबे ने बताया कि यदि मौसम साफ रहा तो अगले दो दिनों में आसपास के जिलों से फूलों की आवक बढ़ सकती है। इससे बाजार में आपूर्ति सुधरेगी और कीमतों में कुछ नरमी आने की उम्मीद है।

गेंदे की बड़ी माला 5000 रुपये सैकड़ा

गुरुवार को मंडी में फूलों के भाव में भारी तेजी देखने को मिली। गेंदे की बड़ी माला 5000 रुपये प्रति सैकड़ा तक बिकी, जबकि छोटी माला के दाम 800 से 1000 रुपये प्रति सैकड़ा रहे। गुलदावदी की माला सबसे महंगी रही। इसकी कीमत 6000 से 7000 रुपये प्रति सैकड़ा तक पहुंच गई। वहीं, कमल का फूल 1800 से 2000 रुपये प्रति सैकड़ा और देसी गुलाब 200 रुपये प्रति किलो बिका। त्योहारों से पहले फूलों की महंगाई ने किसानों, कारोबारियों के साथ ही आम खरीदारों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें मौसम साफ होने और मंडी में आवक बढ़ने पर टिकी हैं।

Share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *