(रणभेरी): लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) स्थित अवैध मजारों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को विश्वविद्यालय प्रशासन ने 2 अवैध मजारों को हटाने के निर्देश जारी किए हैं। मजारों पर इस संबंध में नोटिस चस्पा किया है।
नोटिस में कहा गया है कि ये मजारें विश्वविद्यालय परिसर की भूमि पर बिना किसी वैध अनुमति के बनाई गई हैं। परिसर के भीतर मजार को 7 और बगल स्थित मजार को 15 दिन में खुद हटा लें, वरना प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
7 से 15 दिन दिया गया समय
लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) परिसर में अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर और उससे सटे क्षेत्र में बनी दो मजारों को अवैध करार देते हुए उन्हें हटाने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में संबंधित स्थलों पर नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं।
प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि ये मजारें विश्वविद्यालय की भूमि पर बिना किसी वैधानिक अनुमति के निर्मित की गई हैं। परिसर के भीतर स्थित मजार को सात दिन के भीतर स्वयं हटाने का निर्देश दिया गया है, जबकि परिसर से सटी हुई पक्की मजार को हटाने के लिए पंद्रह दिन की समय-सीमा तय की गई है। तय अवधि में कार्रवाई न होने की स्थिति में प्रशासन बलपूर्वक हटाने की कार्रवाई करेगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, KGMU एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक और चिकित्सकीय संस्थान है, जहां किसी भी प्रकार का निर्माण केवल निर्धारित नियमों और अनुमति के तहत ही संभव है। अनधिकृत ढांचे न केवल संस्थान की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक संचालन में भी बाधा उत्पन्न करते हैं।
बताया गया है कि परिसर के भीतर स्थित मजार कच्चे स्वरूप में है, जबकि बाहर की मजार पक्के निर्माण की श्रेणी में आती है। इसी कारण दोनों के लिए अलग-अलग समय-सीमा निर्धारित की गई है।
गौरतलब है कि यह पहला अवसर नहीं है जब KGMU परिसर में अतिक्रमण का मुद्दा सामने आया हो। इससे पहले भी विश्वविद्यालय क्षेत्र में अवैध कब्जों और अनधिकृत निर्माणों को लेकर आंतरिक स्तर पर जांच और रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है। उसी क्रम में अब ठोस कार्रवाई की शुरुआत की गई है।
मजार हटाने की संभावित कार्रवाई को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय पुलिस भी सतर्क है। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया कानून के दायरे में, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की जाएगी।
