(रणभेरी): समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव और भाजपा नेता व राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव का वैवाहिक रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच गया है। सोमवार को प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया पर एक तीखी पोस्ट के जरिए पत्नी से अलग होने का सार्वजनिक संकेत दिया, जिससे राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई।
प्रतीक यादव ने इंस्टाग्राम पर साझा की गई पोस्ट में वैवाहिक जीवन को लेकर गहरी नाराजगी और मानसिक पीड़ा जाहिर की। उन्होंने पत्नी पर पारिवारिक रिश्ते बिगाड़ने और निजी स्वार्थ को प्राथमिकता देने जैसे गंभीर आरोप लगाए। पोस्ट में तलाक लेने की बात कही गई, हालांकि कुछ समय बाद इस पूरे घटनाक्रम को लेकर तरह-तरह की अटकलें भी शुरू हो गईं।
सूत्रों के अनुसार, दोनों के संबंधों में दरार अचानक नहीं आई। रिश्तों में खटास की शुरुआत वर्ष 2022 से मानी जा रही है, जब अपर्णा यादव ने समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। बताया जाता है कि यह फैसला प्रतीक यादव की इच्छा के विपरीत था। फरवरी 2025 में भी प्रतीक ने सोशल मीडिया पर कुछ आपत्तिजनक पोस्ट साझा की थीं, जिन्हें बाद में हटा लिया गया।

प्रतीक की ताजा पोस्ट के बाद दोनों पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अपर्णा यादव के भाई ने इसे संभावित अकाउंट हैक होने की बात कही है और जल्द स्थिति स्पष्ट करने का दावा किया है। वहीं, अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की ओर से भी इस मसले पर चुप्पी बनी हुई है।
प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की शादी वर्ष 2011 में सैफई में हुई थी। यह विवाह राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से काफी चर्चित रहा, जिसमें कई दिग्गज हस्तियां शामिल हुई थीं। दोनों की दो बेटियां हैं। अपर्णा यादव मूल रूप से उत्तराखंड से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने ब्रिटेन से शिक्षा प्राप्त की है। राजनीति में आने के बाद वह अपने बेबाक बयानों और फैसलों को लेकर लगातार सुर्खियों में रहीं।
राजनीतिक सफर में अपर्णा यादव ने पहले सपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा, फिर टिकट न मिलने के बाद भाजपा का रुख किया। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें महिला आयोग की उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। दूसरी ओर, प्रतीक यादव राजनीति से दूरी बनाए रखते हुए रियल एस्टेट, फिटनेस व्यवसाय और सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं।
फिलहाल, इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर मुलायम परिवार की निजी जिंदगी को सार्वजनिक बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है। तलाक को लेकर अंतिम स्थिति क्या होगी, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
