(रणभेरी): कानपुर के दीना मार्केट में शनिवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे एक भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। आग ने तीन दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। इस दर्दनाक हादसे में एक बुजुर्ग दुकानदार की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि परिवार के पांच अन्य सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए।
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि चंद मिनटों में आग इतनी तेजी से फैली कि दुकानों में रखा सारा सामान धू-धू कर जलने लगा। आसपास के लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी, जिसके बाद करीब 15 मिनट में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। कुल सात गाड़ियों ने लगभग छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

जानकारी के मुताबिक, ये दुकानें एक ही परिवार के तीन भाइयों—रामकिशन, सत्यनारायण और रज्जनलाल—की हैं। ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें और ऊपर रिहायशी हिस्सा है, जहां करीब 15 लोग रहते हैं। रोज की तरह शुक्रवार रात सभी लोग खाना खाकर सो गए थे, तभी अचानक यह हादसा हो गया।

सुबह धुआं उठता देख स्थानीय लोगों ने शोर मचाया, जिससे परिवार के लोग जागे। इसी दौरान 70 वर्षीय रामकिशन नीचे की ओर बढ़े, लेकिन धुएं की चपेट में आकर बेहोश हो गए और फिर आग की लपटों में घिरकर उनकी मौत हो गई। हादसे में उनकी पत्नी गोमती (66), बेटा हरिओम (40), बहू श्रेया, चार माह का पोता शिवार्थ और भतीजी आयुषी झुलस गईं। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
परिवार के सदस्य अंकुर के अनुसार, “जब तक हम कुछ समझ पाते, घर में धुआं भर चुका था और आग कमरे तक पहुंच गई थी। किसी तरह जान बचाकर बाहर निकल पाए।”

दमकल विभाग ने बताया कि आग बुझाने के लिए पांच फायर स्टेशनों की टीमों को लगाया गया था और पानी की आपूर्ति मूसानगर नगर पालिका से लगातार होती रही। हालांकि, इस हादसे में दुकानों का सारा सामान जलकर राख हो गया और परिवार को अपूरणीय क्षति झेलनी पड़ी।
